आजमगढ़। जिले की सबसे बड़ी तहसील सगड़ी का विभाजन कर परशुरामपुर को नई तहसील बनाने की कवायद नए सिरे से शुरू हुई है। जिला प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पर शासन ने उन जनप्रतिनिधियों से राय लेने का निर्देश दिया है, जिनके विधानसभा क्षेत्र से यह गांव कटकर परशुरामपुर तहसील में शामिल होंगे। लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब इस काम में तेजी आने की संभावना है।
प्रस्ताव के मुताबिक सगड़ी तहसील के चार ब्लाकों महराजगंज और बिलरियागंज के अंतर्गत आने वाले गांवों के साथ ही हरैया ब्लाक और बूढ़नपुर तहसील के भी कुछ गांव नई तहसील में शामिल हो सकते हैं। नई तहसील में गोपालपुर और सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के 458 गांव इसमें जोड़े जाएंगे।
सगड़ी तहसील पूर्व की ओर मऊ, उत्तर की ओर गोरखपुर और पश्चिम की ओर अंबेडकरनगर की सीमा छूती है। तहसील में दो विधानसभा सगड़ी और गोपालपुर आते हैं। चार विकास खंड बिलरियागंज, हरैया, महराजगंज और अजमतगढ़ शामिल हैं। तहसील तक पहुंचने में सबसे ज्यादा परेशानी महाराजगंज ब्लाक के लोगों को उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए काफी दिनों से परशुरामपुर को नई तहसील बनाने की मांग की जा रही है। मार्टीनगंज नई तहसील बन गई लेकिन परशुरामपुर पर निर्णय लटक गया।
गोपालपुर और सगड़ी विधानसभा के गांव
नई तहसील में जिला प्रशासन ने जिन गांवों को शामिल करने का शासन प्रस्ताव भेजा है। उसमें गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के महाजी देवारा जदीद नवीन नेजाई, बुलआ भवानी बक्स, देवारा जदीद, चकनायक, नौबरारम देवारा जदीद किता अव्वल, देवारा कदीम, चकराम नगर, चकशिवगुलाम, खोजापुर, मुंडीलपुर, गोरखपुर, महेशपुर, खेमानंदनपुर, हमीरपुर, पासीपुर, सुगौटी, खंजरपुर, अछैबट, नरोत्तमपुर सूर्यमन, चौरासी, सादातपुर, देवारा त्रिपुरारपुर आइमा, देवारा त्रिपुरारपुर खालसा, त्रिपुरारपुर खालसा, त्रिपुरार आइमा, आराजी शंकरपुर, आराजी बगहवा, आराजी बरगास सिंह, आराजी मलहपुरवा, आराजी गंगापुर, अराजीपुरैनिया, आराजी सिसवां, आराजी जजमन जोत, आराजी काजी अमीर अहमद जोत, आराजी गुलाम रसूल, आराजी नसीब अली, आराजी नेवाज सिंह, नौबरार हरखपुरा, नौबरार देवारा जदीद किता दोयम, नौबरार त्रिपुरारपुर खालसा, नौबरार त्रिपुरारपुर आयमा, हरखपुरा खास, देवारा हरखपुरा, देवारा तुर्कचारा, तुर्कचाराखास, पैकौली, बरौली, विशुनपुर उर्फ महराजगंज मिलाकर 252 गांव शामिल हैं। वहीं गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के कुल 206 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजा गया गया है।