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सभी विकास खंडों में आयोजित होगी दुग्ध दोहन प्रतियोगिता

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आजमगढ़। मुख्य पशुु चिकित्सा अधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय गोवंश के दुग्ध उत्पादन में निरंतर आ रही कमी के कारण अधिकतर किसानों और पशुपालकों द्वारा देशी गोवंश के पशुओं का पालन कम किया जा रहा है। लेकिन अब प्रदेश सरकार पशुपालकों को भारतीय गोवंश पालन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने की योजना शुरू कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गोपाष्टमी पर देशी गोवंश के दुग्ध उत्पादन पर प्रतियोगिता आयोजित होगी। जिसमें जनपद के समस्त 22 विकास खंडों में दुग्ध दोहन प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में केवल भारतीय गाय को ही शामिल किया जाना है। इस वर्ष नंद बाबा पुरस्कार भी रखा गया है जिसमें ऐसे पशुपालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 51000, द्वितीय पुरस्कार 21000 और तृतीय को 5100 रुपये का पुरस्कार भी मिल सकता है। जो दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की समितियों के सदस्य हों और प्रतिवर्ष 1500 लीटर देशी गाय का दूध संघ को दिए हों। आगामी 15, 16 और 17 नवंबर को गोपाष्टमी पर्व का आयोजन है। सरकार अब लोगों में देशी गाय के प्रति जागरूकता लाने के लिए इसे प्रतियोगिता का रूप दे रही है। दुग्ध दोहन प्रतियोगिता में दूध उतारने में आक्सीटोसीन से होने वाले नुकसान, स्वच्छ दुग्ध निकालना ,बीमारियों से संबंधित जानकारी और पशुओं को संतुलित आहार दिए जाने की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गोपाष्टमी और दुग्ध दोहन प्रतियोगिता 15 नवंबर को अजमतगढ़, अतरौलिया, फूलपुर, मार्टीनगंज, लालगंज, मुहम्मदपुर, तरवां, 16 नवंबर को हरैया, कोयलसा, ठेकमा, पल्हनी, रानी की सराय, सठियांव, पवई और 17 नवंबर को बिलरियागंज, अहरौला, तहबरपुर, मेंहनगर, जहानागंज, मिर्जापुर, महराजगंज, पल्हना में आयोजित की जायेगी। यह प्रतियोगिता पशुपालन विभाग और दुग्ध संघ विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होगी।
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