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देवारा क्षेत्र के 105 की तीन हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी का क्रम जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे के गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया। जिससे 195 पुरवों की तीन हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। नदी दोनों ही खतरा बिंदुओं पर लालनिशान से ऊपर बह रही है। डिघिया नाले पर घाघरा नदी लाल निशान से 105 सेमी और बदरहुंआ नाले पर 57 सेमी ऊपर बह रही है। 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 19 सेमी और डिघिया नाले पर 20 सेमी बढ़ा है। घाघरा नदी का जल स्तर बदरहुंआ नाले पर गुरुवार को 72.06 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को बढ़कर 72.25 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 71.25 मीटर दर्ज हुआ था जो शुक्रवार को बढ़कर 71.45 मीटर हो गया। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से नदी से सटे लगभग 105 पुरवे की तीन हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। क्षेत्र के आधा दर्जन स्कूल बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। हरैया ब्लॉक के चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, शाहडीह, सोनौरा, बांका, बूढनपट्टी के स्कूल बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचाने को आतुर है वहीं बाढ़ चौकियों से राजस्व, विकास, स्वास्थ्य और बाढ़ खंड के कर्मचारी नदारत हैं। इस संबंध में एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए वह जिलाधिकारी को लिखेंगे। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सभी गांवों को आवागमन के लिए नाव की जरूरत है लेकिन अभी तक मात्र 11 नाव ही चलाई जा रहीहै। पल्टन यादव ने कहा कि त्रिलोकी का पुरवा विस्थापित हो रहा है। वहां नाव की सख्त जरूरत है। अधिशासी अभियंता बाढख़ंड दीपक कुमार ने कहा कि नदी में कल तक बढ़ाव रुक जाएगा। बंधा सुरक्षित है कहीं कोई खतरा नहीं है।
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