निजामाबाद। तहसील क्षेत्र के किसान मजदूर इंटर कालेज गौरा पर विद्यालय के बाहर कापी लिखवाये जाने की सूचना पर तहसीलदार शिवसागर दुबे ने शुक्रवार को विद्यालय पर छापेमारी की कार्रवाई की। अचानक छापेमारी की कार्रवाई से विद्यालय पर हड़कंप मच गया। बोर्ड कापियों के तात्कालिक जांच में जहां 73 कापियां नहीं मिली तो वहीं कापियों का मिलान करने पर 28 कापियों का हिसाब नहीं मिला। जिस पर डीआईओएस को रिपोर्ट भेज कर कार्रवाई की संस्तुति की गई।
तहसीलदार शिव सागर दूबे ने बताया कि शुक्रवार को सुबह की पाली में किसान मजदूर इंटर कालेज गौरा से कापियां बाहर ले जाकर लिखवायी जा रही है। इस सूचना पर वह नायब तहसीलदार के साथ टीम बना कर विद्यालय पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। हाईस्कूल के कापियों की तात्कालिक जांच में 73 कापियां नहीं मिली। इस बाबत केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि पहले दिन दोनों पालियों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा थी तो हो सकता है कि कापियां एक दूसरे में मिल गई हो। इस के बाद इंटर के कापियों की जांच में हाईस्कूल की 45 कापियां बरामद हो गई। लेकिन शेष 28 कापियों का हिसाब नहीं मिला। इसी बीच एडीएम वित्त राजस्व बीके गुप्ता भी परीक्ष केंद्र पर जांच के लिए पहुंच गए। यथास्थिति की जानकारी के बाद एडीएम प्रशासन ने डीआईओएस को रिपोर्ट भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति की और शेष गायब 28 कापियों को पता लगाने का निर्देश दिया।
मौसेरे भाई के स्थान पर दे रहा था परीक्षा, पकड़ाया
लाटघाट। यूपी बोर्ड परीक्षा में पूरे क्षेत्र में नकल जोरो पर हो रही है। सुबह की पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी की परीक्षा थी। जिसमें मोतीलाल स्माकर इंटर कालेज रामनगर बैजाबारी पर मौसेरे भाई के स्थान पर परीक्षा दे रहा अभिषेक चौहान पकड़ा गया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर अभिषेक के खिलाफ रौनापार थाने में मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया गया है। केंद्र प्रभारी भीमसेन सिंह ने बताया कि कक्ष संख्या चार में अभिषेक चौहान अपने मौसेरे भाई प्रदीप चौहान के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
दरवाजे के पीछे से बोला जा रहा इमला
अतरौलिया। शिक्षा विभाग के नकल रोको अभियान को नकल माफिया पूरी तरह से धत्ता बता रहे है। पूरे क्षेत्र में जम कर नकल हो रही है। नकल माफिया वर्तमान सख्ती की व्यवस्था में भी अपना रास्ता निकाल लिए है। सीसी टीवी कैमरे के बीच चल रही परीक्षा में दरवाजे के पीछे से नकल माफिया इमला बोल कर नकल करा रहे है। ब्लैकबोर्ड राइटिंग व दूसरे से कापी निकालने की प्रक्रिया पर भले ही रोक लगा है, लेकिन इमला पर पाबंदी लगा पाना अब तक शिक्षा विभाग के बस में नही रही है।