आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राम किशोर की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के अभियुक्त को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया।
घटना के संबंध में बरदह थाना क्षेत्र के पुड़सुड़ी गांव निवासी आजाद पुत्र मुश्तफा ने स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने पुलिस को बताया था कि 16 नवंबर 2012 की रात उसका भाई असलम उसकी पत्नी कमरजहां, लड़का गोलू और लड़की सबीना के साथ घर में सोया था। रात लगभग एक बजे गोलू के चिल्लाने की आवाज को सुनकर असलम के घर गया तो गोलू ने बताया कि उसके पिता असलम ने कमरजहां को लकड़ी से बुरी तरह से मारापीट कर घायल कर दिया। घायलावस्था में उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस मामले में बरदह थाना पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने इस मुकदमे के वादी आजाद समेत पांच गवाहों को पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त असलम को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।