आजमगढ़। मुबारकपुर स्थित अनुदानित मदरसा जामिया नुरूल औलूम में फर्जी नियुक्तियों को लेकर घिरे संचालक जहीन अहमद के खिलाफ अब उनके बेटे ने ही मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी से की शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके पिता ने अमिलो में खोले गए एक और मदरसे को ही बेचना चाहते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
शासन के निर्देश पर पिछले माह जिले में हुई अनुदानित मदरसों की जांच के दौरान मुबारकपुर स्थित मदरसा जामिया नुरूल औलूम में कई खामियां मिली थीं। मामले में पाया गया था कि संचालक जहीन अहमद ने चयन समिति का अध्यक्ष रहते हुए अपना चार बेटियों की नियुक्ति मदरसे में विभिन्न पदों पर कर दी थी। जांच टीम में शामिल डिप्टी कलेक्टर निरंकार सिंह, सहायक अभियंता डीआरडीए और अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मदरसे के अध्यक्ष जहीन अहमद ने खुद चयन समिति बनाई और उसके अध्ध्यक्ष बन गए। इसके बाद पुत्री, नुसरत जहीन को प्रधानाचार्य, अलीशा सिद्दीकी, इब्जेसाम जहीन और रुबाना जहीन को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त कर दिया। इसमें रूबाना के बाद में किसी कारण से हटा दिया था। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि मदरसा जहीन अहमद के व्यक्तिगत हित के लिए चलता पाया गया। जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर नुसरत जहीन, अलीशा सिद्दीकी, इब्तेसाम जहीन के वेतन पर रोक लगा दी गई थी।
अभी इस मामले में कोई विभागीय कार्रवाई हुई नहीं थी कि जहीन अहमद के पुत्र फहीम अहमद ने जिलाधिकारी से एक और शिकायत की। इसमें बताया कि उसके पिता ने अमिलो मुबारकपुर में मदरसा अशरफिया रजाए मुस्तफा नाम से एक और मदरसा खोला है। मदरसे के लिए बनाई गई सोसाइटी के वो खुद सदर हैं और मऊ निवासी अहमदुल्लाह को इसका प्रबंधक बनाया है। जहीन अहमद की पत्नी शगुफ्ता बानो और खुद फहीम भी इसके मेंबर हैं। फहीम ने शिकायत में खुलासा किया है कि मदरसे को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता मिल चुकी है और ये सिर्फ कागजों में है। जहीन अहमद ने मदरसे के लिए अमिलो स्थित अपने पुस्तैनी मकान को कानूनी रूप से 29 वर्ष के लिए लीज पर दिया है। अब वो इस मदरसे को ही बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए कई रिश्तेदारों से भी संपर्क किया है। उसने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई की मांग की है।