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सात हजार अपात्र ले रहे थे समाजवादी पेंशन

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आजमगढ़। सपा सरकार में समाजवादी पेंशन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। पात्रों के बजाय अपात्रों की पेंशन बना दी गई। प्रदेश सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने इसकी जांच कराई तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आया। जिले में लगभग सात हजार लोग ऐसे चिह्नित हुए हैं, जो फर्जी तरीके से पेंशन ले रहे थे। चिह्नित करने के बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से ऐसे पेंशनधारकों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
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सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान समाजवादी पेंशन के नाम से महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई थी। इसके तहत चिह्नित किए गए पात्र लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जानी थी। इसके तहत 115831 लाभार्थियों का चयन कर उन्हें पेंशन दी जा रही थी। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन होते ही योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो समाजवादी पेंशन योजना शक के दायरे में आ गई। उन्होंने लाभार्थियों की पात्रता की जांच कराने का फैसला लिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से एसडीएम, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी से पात्रों की जांच कराई गई। जांच के बाद चौकाने वाले तथ्य सामने आए। 6984 अपात्र फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ उठा रहे थे। इसके बाद इनकी पेंशन पर रोक लगा दी गई।
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मृतकों के खाते में जा रही थी पेंशन
समाजवादी पेंशन के पात्रों की जांच के दौरान पाया गया कई ऐसे लोगों के खाते में पेंशन जा रही है जिनकी मौत हो चुकी हैं। इनके परिजनों की ओर से भी विभाग को कोई जानकारी नहीं दी गई कि पात्र की मौत हो चुकी है। इसलिए विभाग की ओर से अभी भी इन्हें पात्रों की श्रेणी में गिना जा रहा था। इनकी पेंशन पर भी रोक लगा दी गई।
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दो-दो-पेंशन का उठा रहे थे लाभ
योजना की जांच के दौरान कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। कई ऐसे लोग भी मिले जो दो-दो पेंशन योजना का लाभ उठा रहे थे। ये फर्जीवाड़ा चयन के दौरान ग्राम विकास अधिकारियों और ला भार्थियों की ओर से किया गया था। ऐसे लोगों की संख्या 100 के आसपास थी। इन्की भी पेंशन पर रोक लगा दी गई।
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योजना होल्ड, असमंजस की स्थिति
समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद लाभार्थियों की जांच कराई गई थी। अपात्रों को चिह्नित कर उनके पेंशन पर रोक लगा दी गई थी। शासन को मामले की रिपोर्ट भेज दी गई थी। फिलहाल योजना को होल्ड पर रखा गया है। किसी को भी समाजवादी पेंशन नहीं दी जा रही है।
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