आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और निर्धन व्यक्तियों की बेटियों के लिए आर्थिक सहायता के रूप में मिलने वाला अनुदान बंद कर दिया है। इससे विभिन्न 22 ब्लाकों के ग्राम पंचायतों से अनुदान के लिए आवेदन करने वालों करीब चार हजार से अधिक लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने पांच माह के लिए अनुदान देने पर रोक लगाई है।
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के गरीबी की सीमा रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को बेटियों की शादी के लिए सरकार द्वारा शादी अनुदान चलाई जा रही थी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के वह लोग पात्रता की श्रेणी में आते थे जिनकी आय 46080 रुपये हो और नगरीय क्षेत्र के पात्र व्यक्ति की आय 56460 रुपये हो। उसे ही इस योजना का पात्र माना जाता था। साथ ही बीपीएल परिवार को अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए इस योजना का लाभ दिया जाता था। शहरी और ग्रामीण मिलाकर वर्ष 2016-17 में कुल 846 लोगों को शादी अनुदान योजना का लाभ दिया गया। जिसके तहत प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये प्रदान किया गया। सपा सरकार में चार हजार से अधिक आवेदन जनपद के 22 ब्लाकों से शादी अनुदान के लिए आए थे। आवेदनों को जमा कर उसका सत्यापन भी कराया गया था, नई सरकार की ओर से इस योजना के लिए बजट न मिलने के कारण सभी आवेदनों को रोक दिया गया।
अकेले सठियांव ब्लाक से 265 ने किया था आवेदन
अमिलो। सठियांव ब्लाक में कुल 84 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों से 265 लोगों ने आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था। शादी अनुदान के आवेदक प्रेमचंद, राजेंद्र, सूर्यभान ने कहा कि प्रदेश की सरकार आम जनता की भलाई पर ही प्रहार कर रही है। इसका खामियाजा समय आने पर भुगतना होगा। वहीं समाजवादी पेंशन पाने वाली रुख्साना, हनीफ, सपना, आरती, उर्मिला, पुष्पा आदि ने कहा कि पिछली सरकार से हमें पेंशन मिला करती थी और योगी सरकार ने बंद करके हम लोगों के साथ अन्याय किया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि शादी अनुदान योजना पर सरकार ने रोक लगा दी है। शादी अनुदान योजना के तहत चार हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।