आजमगढ़। जिला कारागार में बंद बंदियों की आपत्तिजनक गतिविधियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जेल प्रशासन भले सुरक्षा को मुकम्मल बताए लेकिन सच्चाई ये है कि सलाखों में बंद अपराधी मोबाइल के जरिए लोगों को धमकी देकर रंगदारी मांग रहे हैं। अभी हाल में ही सरायमीर के एक व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में केस दर्ज कराया गया। इससे पहले एक वरिष्ठ चिकित्सक को धमकी दी गई थी। ऐसे मामले सामने आने के बाद भी अभी जेल परिसर में जैमर नहीं लगाया जा सका है। वहीं, कुछ अपराधी ठेका के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने का काम कर रहे हैं।
जिला जेल पहले नगरपालिका परिषद कार्यालय के पास था। बाद में इटौरा में अभेद्य जिला कारागार बनाया गया। नई जेल में बंदियों को शिफ्ट किया गया। इसमें सुरक्षा को लेकर तमाम इंतजाम किए गए। उस दौरान अधिकारियों का कहना था कि नई जेल सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई है और यहां कोई बंदी गड़बड़ी नहीं कर सकता। जेल प्रशासन के दावे को धता बताते हुए 18 अगस्त 2017 को तीन बंदी गैस पाइप के सहारे कारागार की 22 फुट ऊंची प्रधान दीवार फांदकर फरार हो गए। इनका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका। अत्याधुनिक जेल से तीन बंदियों के भागने से प्रदेश में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने नई जेल की व्यवस्थाओं में सुधार होने का दावा किया। जैमर लगाने की बात हुई लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इतना ही नहीं, जेल के अंदर मोबाइल का इस्तेमाल कर बंदी लोगों को धमकी दे रहे हैं। अभी हाल ही में दीदारगंज थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी बंदी औमैर और सलमान ने सरायमीर थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी कारोबारी बेलाल अहमद को फोन कर चार लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। घटना के संबंध में सरायमीर थाने में केस दर्ज कराया गया है। इससे पूर्व, जेल के भीतर से कई अपराधियों ने ठेके के लिए कुछ अधिकारियों पर दबाव बनाया लेकिन इस मामले में कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।
मुलाकातियों की मदद से जेल के भीतर मोबाइल आदि का प्रवेश हो रहा है। इसमें कुछ जेल के कर्मचारी भी मिले हुए हैं। ऐसे लोगों की पहचान करवाई जा रही है। जल्द ही इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार गौतम, जेल अधीक्षक, आजमगढ़ जेल
जेल से संचालित होने वाली गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। जिसके भी विरुद्ध ठोस प्रमाण मिलेगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी एसपी/एसपी ग्रामीण