आजमगढ। मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी के संज्ञान समेत ऑनलाइन, पीजी पोर्टल से संबंधित शिकायतों का अपेक्षित निस्तारण न करने पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने 20 अधिकारियों का वेतन रोक दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए एक सप्ताह के अंदर लंबित शिकायतों का निस्तारण कर जांच आख्या आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी और ऑनलाइन संदर्भित तथा पीजी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान कुछ विभागों की स्थिति खराब पाई गई। इस पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। इसके बाद भी समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतना आपत्तिजनक है। साथ ही कार्यों के प्रति अपेक्षित रुचि नहीं लेने का नमूना है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, डीपीआरओ, ईओ नगरपालिका आजमगढ, ईओ नगरपालिका मुबारकपुर, डीएसओ, बीएसए, परियोजना निदेशक (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण), जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत खंड-1, अधिशासी अभियंता विद्युत खंड-2, अधिशासी अभियंता विद्युत खंड-3, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डीआईओएस, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता जलनिगम, उपायुक्त मनरेगा, जिला आबकारी अधिकारी, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड-2, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड तथा बीडीओ ठेकमा, महराजगंज, तहबरपुर, कोयलसा का माह जून 2017 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। उन्होंने इन अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर समस्त लंबित शिकायतों का निस्तारण करते हुए जांच आख्या आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कराएं।