आजमगढ़। कुख्यात अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू का दाहिना हाथ कहे जाने वाले गिरधारी उर्फ डॉक्टर उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा को पुलिस ने लखनऊ में हुई मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जिले में भी उसके खिलाफ 15 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं।ं सर्वाधिक छह मुकदमे जीयनपुर कोतवाली में है। पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में भी वह आरोपी था।
गिरधारी का नाम भी उस समय चर्चा में आया जब पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या हुई थी। ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह के साथ ही पूर्व विधायक की हत्या में गिरधारी भी नामजद किया गया था। लेकिन गिरधारी आज तक पुलिस पुलिस के हत्थे वह नहीं चढ़ सका था। कुंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद से उसके आपराधिक नेटवर्क का संचालन वही करने लगा था। कुंटू गिरोह के लिए पैसों की वसूली से लेकर हत्या, लूट, छिनैती सभी काम गिरोह के लोग गिरधारी की देखरेख में ही करने लगे थे। एक तरह से कुंटू के जेल में जाने के बाद से गिरधारी ही कुंटू गिरोह का सर्वेसर्वा हो चुका था। सीपू हत्याकांड के मुख्य गवाह अजीत सिंह की लखनऊ में हत्या की योजना आजमगढ़ जिला कारागार में बनी जरूर लेकिन उसे अंजाम गिरधारी ने ही दिया। गिरधारी की देखरेख में ही अजीत सिंह की हत्या हुई, जिसका खुलास लखनऊ पुलिस कर चुकी है। मूल रूप से वाराणसी का रहने वाले गिराधारी की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र आजमगढ़ ही था। वह कुंटू के डी-11 गैंग का तो सदस्य था ही लेकिन दूसरे अपराधियों के लिए भी काम करता था। जिले के विभिन्न थानों में उस पर कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें आधा दर्जन मुकदमे सिर्फ जीयनपुर कोतवाली में है।