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पांच प्रधानाध्यापक, आठ शिक्षक व दो शिक्षामित्र का कटा वेतन

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आजमगढ़। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर बीएसए के निर्देश पर बिलरियागंज ब्लाक के विभिन्न विद्यालयों का अलग-अलग खंड शिक्षाधिकारियों ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक व शिक्षामित्र अनुपस्थित पाए गए। जिस पर उनका वेतन काटने का बीएसए ने निर्देश दिया। बीएसए ने बताया कि बिलरियागंज ब्लाक के प्रावि बनकट द्वितीय पर प्रधानाध्यापक शरद चंद यादव अनुपस्थित पाए गए। प्रावि पिपरहा पर सहायक अध्यापिका पूनम तिवारी अनुपस्थित थी, वे प्रसूता अवकाश पर थी लेकिन कोई स्वीकृति पत्र नहीं उपलब्ध था। प्रावि तेंदुआ पर स.अध्यापक अशोक यादव व आलोक, प्रावि वर्नापुर पर स.अध्यापिका मधुबाला, प्रावि वशीरपुर पर स.अध्यापक संतराम, प्रावि भगतपुर पर स. अध्यापिका अनीता पांडेय व शिक्षामित्र शशांक द्विवेदी, प्रावि गद्दोपुर पर स.अध्यापक धीरेंद्र यादव, प्रावि खानपुर भगतपट्टी पर स. अध्यापक सावित्री सिंह, प्रावि श्रीनगर पर शिक्षामित्र बेचू राम अनुपस्थित पाए गए। इन सभी का वेतन काटने का निर्देश बीएसए ने दिया है। इसी क्रम में प्रावि अंडाखोर पर नामांकन से कम अनुपस्थिति पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका लता सिंह, प्रावि मुहम्मदपुर पर कम उपस्थित मिलने पर प्रधानाध्यापिका संगीता का वेतन अवरूध किया गया। इसी प्रकार प्रावि खालिसपुर के प्रधानाध्यापक इंद्रप्रताप यादव, तोहफापुर के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश का भी वेतन अवरूध किया गया।
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प्रावि छिंही के प्रधानाध्यापक पर होगी निलंबन की कार्रवाई
आजमगढ़। क्रास चेकिंग के दौरान प्राथमिक विद्यालय छिंही पर तैनात तीन स. अध्यापकों में से सभी अनुपस्थित थे। इनका अवकाश प्रार्थना पत्र मौके पर मौजूद थे। कोई भी प्रधानाध्यापक एक साथ सभी सहायक को छुट्टी नहीं दे सकता है। इसके बाद भी यहां तैनात प्रधानाध्यापक सऊद आलम ने सभी को छुट्टी दे दी थी। मौके पर मौजूद किसी भी अवकाश प्रार्थनापत्र पर डेट अंकित नहीं था। बीएसए देवेंद्र कुमार ने बताया कि बिना डेट का एप्लीकेशन देख कर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उक्त तीनों शिक्षक अक्सर ही अनुपस्थित रहते है, जब चेकिंग आदि होती है तो उस पर डेट भर कर लगा दिया जाता है। अन्यथा की स्थिति में वे बाद में विद्यालय पहुंच कर उपस्थित दर्ज करा देते है। प्रधानाध्यापक की यह कवायद घोर अनियमितता की श्रेणी में आती है। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण में सही जवाब न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।
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