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न पैसे दिए न शौचालय बने, गांव ओडीएफ

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आजमगढ़। मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने शनिवार को तहबरपुर ब्लाक के कई गांवों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे शौचालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान तहबरपुर के चत्तुरपुर और नखईपुर में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। गांव में सचिव की ओर से न पैसे दिए गए थे और न ही शौचालय बने थे। इसके बाद भी अगस्त में ही गांव को ओडीएफ कर दिया गया था। सचिव के निलंबन के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने निरीक्षण की जानकारी पहले ही बीडीओ को दे दी थी। इसके बाद भी बीडीओ रामरेखा सिंह ब्लाक से अनुपस्थित मिले। मौके पर सिर्फ अवर अभियंता लघु सिंचाई और चौकीदार मौजूद रहे। अनुपस्थिति पर सीडीओ ने बीडीओ, सभी कार्यालय सहायक, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, एसबीएम के कर्मचारी और आपरेटरों के शनिवार के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। ग्रामसभा ईशरपार के गांव बीरबलपुर में बेस लाइन सर्वे सूची में शामिल सभी 236 परिवारों को शौचालय की धनराशि जारी कर दी गई थी। कई शौचालयों में कमियां मिली जिसे पूरे कराने के निर्देश दिए। कुछ शौचालय पुराने, मानक विहीन और कुछ अपात्र मिले। इसके बाद भी गांव को ओडीएफ घोषित किया जा चुका था। चत्तुरपुर में सूची में 40 लाभार्थी शामिल थे। इसमें से बलिहारी, फूलचंद, राजदेव समेत अधिकांश अपात्र मिले। गांवों के चारों ओर पानी भरा होने से शौचालय निर्माण भी प्रभावित था। किसी भी लाभार्थी को अभी पहली किश्त जारी नहीं की गई थी। गांव के चार पुरवों में अभी तक एक भी शौचालय नहीं बनवाया गया था। इसके बाद भी ग्राम विकास अधिकारी बलराम इसे ओडीएफ घोषित कर चुके थे। नखईपुर में सूची में 10 परिवार शामिल थे। कन्हई पुत्र महादेव सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हैं। उन्हें भी शौचालय दिया गया था। इसकी रिकवरी के निर्देश दिए गए। गांव जमीन पलिया में 10 परिवार सूची में हैं। गांव में न एक भी शौचालय बना है और न किसी को धनराशि जारी की गई है। बिना धनराशि जारी किए ही सचिव बलिराम ने सात अगस्त को गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया। इस पर सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी/सचिव बलिराम के निलंबन की संतुति डीडीओ से की। गांव चक मजनू में 127 परिवार सूची में थे। सभी शौचालयों पर वर्ष 2013-14, 2014-15 अंकित किया गया था। निरीक्षण के दौरान लगा कि इसे निर्मल भारत योजना के तहत बनवाया गया है। ग्रामीणों ने भी यही जानकारी दी। पूछताछ में सचिव प्रभाकर पांडेय ने बताया ति 2015-16 में 13 शौचालय की धनराशि मिली है।
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