अमिलो। मदरसा बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन कराने का जिला अल्पसंख्य अधिकारी का दावा पूरी तरह से गलत साबित हो रहा है। ऐसा क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर भेज दिये जाने के चलते हुआ है। सरकार की सख्ती का सिर्फ यही असर देखने को मिल रहा है कि गाइड और किताब परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं पहुंच रही है।
मदरसा बोर्ड की परीक्षा के लिए जिले में 14 केंद्र बनाये गये है। शासन के निर्देशों के तहत परीक्षा यूपी बोर्ड की तरह सीसी टीवी के निगहबानी में हो रही है। इसके बाद भी परीक्षा करा रहे जिला अल्पसंख्यक अधिकारी साहित्य निकष सिंह का नकल विहीन परीक्षा का दावा खोखला साबित हो रहा है। इसके पीछे कारण परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों को भेज दिया जाना बताया जा रहा है। मुबारकपुर क्षेत्र में स्थित एमपी इंटर कालेज की क्षमता सात से आठ सौ की है और यहां इससे दोगुने परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। जिसके चलते विद्यालय के हाल और बगल में स्थित बालिका विद्यालय के दस कमरों में परीक्षार्थियों को बैठाया जा रहा है। टेंट हाऊस से मंगाई गई कुर्सियों पर अगल-बगल बैठ कर परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे है। एमपी इंटर कालेज केंद्र पर बुधवार को जो नजारा देखने को मिला उससे तो यह कत्तई नहीं लगता कि जिले में मदरसा बोर्ड की परीक्षा नकल विहीन हो रही है।
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पकड़ा गया एक नकलची, पांच की बदली गई कापी
आजमगढ़। मदरसा बोर्ड परीक्षा में बुधवार को एमपी इंटर कालेज परीक्षा केंद्र पर एक नकलची को पकडने का भी दावा परीक्षा प्रभारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह ने किया है। उन्होंने बताया कि एमपी इंटर कालेज को छोड़ कर अन्य केंद्रों को कोई दिक्कत नहीं है। यहां परीक्षार्थियों की संख्या कुछ बढ़ जाने से दिक्कत उत्पन्न हुई है। बुधवार को इस केंद्र पर ही दो परीक्षार्थी आपस में नकल कर रहे थे, जिनकी कापियां बदल दी गई। वहीं अंजानशहीद स्थित मौलाना आजाद इंटर कालेज केंद्र पर भी तीन छात्राओं की कापियां नकल के चलते बदली गई।