आजमगढ़। सदर तहसील के जलालपुर गांव निवासी जगदंबा यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और लोक निर्माण विभाग के मंत्री सहित अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पिता की पंजीकृत वसीयत को दरकिनार कर विभाग द्वारा उनके बड़े भाई को सरकारी देयकों और सरकारी नौकरी भी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि उनके पिता स्व. विश्वनाथ पुत्र स्व. बालकिशुन लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय में नियमित कर्मचारी के रूप में बेलदार पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान ही 22 सितंबर 2010 को उनकी मौत हो गई। विश्वनाथ अत्यधिक बीमार थे तो उन्होंने दोनों भाइयों में विवाद न हो इसके लिए उन्होंने अपने जीवित रहते पंजीकृत वसीयत दो मार्च 2009 को की। जिसमें उसे मृतक आश्रित के रूप में नौकरी देने और बड़े भाई दुर्गा प्रसाद को फंड, ग्रेच्युटी आदि देयकों का भुगतान करने के लिए कहा। इस आधार पर जगदंबा मृतक आश्रित के रूप में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्ति का पात्र है। लेकिन पिता की वसीयत को नजरंदाज करके उसके बड़े भाई दुर्गा प्रसाद यादव को नियमित बेलदार के पद पर 21 जुलाई 2014 को नियुक्ति कर दी गई और समस्त देयकों का भुगतान भी उसे ही कर दिया गया। इस कार्य में उसकी सहमति भी नहीं ली गई। उन्होंने मुख्यमंत्री और अधिकारियों से अपनी नियुक्ति कराने और मृत्युकालीन देयकों का भुगतान कराने की मांग की है।