अनुदानित अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में 2015 के बाद तैनात हुए 17 लिपिकों की तैनाती के समय विशेषज्ञ की देखरेख में टंकण परीक्षा न होने का तथ्य सामने आने के बाद जांच टीम की संस्तुति पर विशेषज्ञ की देखरेख में परीक्षा के आदेश दिए गए थे। 12 मार्च को परीक्षा होनी थी। पर सत्तापक्ष के दबाव में परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया।
गत वर्ष शासनादेश के विरुद्ध अनुदानित अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में लिपिकों की नियुक्ति की शिकायत कमिश्नर से हुई थी। कमिश्नर के निर्देश पर डीएम ने मामले की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। साथ ही बेसिक विभाग के लिपिक रामबचन को शिकायत प्रकोष्ठ से अटैच कर दिया गया था। जांच से पता चला कि 2015 के बाद इन स्कूलों में प्रधानाध्यापक, अध्यापक और लिपिक के कुल 110 पदों पर नियुक्तियां की गई थी। 17 लिपिकों के लिए टंकण परीक्षा नहीं होने के भी साक्ष्य मिले थे। सिर्फ साक्षात्कार के लिए तैनाती की गई थी। लिहाजा जांच टीम ने 17 लिपिकों की फिर से टंकण परीक्षा कराने की संस्तुति की थी। सीडीओ ने भी छह मार्च को परीक्षा कराने के आदेश करते हुए विशेषज्ञ और पर्यवेक्षक की तैनाती कर दी थी। परीक्षा 12 मार्च को बीएसए कार्यालय में होनी थी। घोषणा के साथ ही परीक्षा को न कराने के लिए कमिश्नर, जिलाधिकारी और सीडीओ के पास दबाव बनाया जाना लगा। ठीक एक दिन पहले रविवार को छुट्टी के दिन डीआईओएस की ओर से अग्रिम आदेश तक परीक्षा को स्थगित कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्यशैली से प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के वादे पर सवालिया निशान लगने लगा है।
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साफ नहीं प्रशासन की मंशा
आजमगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन की मंशा साफ नहीं दिख रही है। 11 बुनकर समितियों की जांच में 1.40 करोड़ के गबन की पुष्टि हो चुकी है। आरोपी समिति के संचालकों को अपना पक्ष रखने के लिए दो बार समय भी दिया जा चुका है। टीम की संस्तुति पर जिलाधिकारी रिकवरी और एफआईआर एडीआई हथकरघा मऊ से कराने की संस्तुति भी कर चुके थे। इसके बाद भी समितियों के अपना पक्ष रखने के लिए एक और तिथि देकर प्रशासन उन्हें भी बचाने की कोशिश कर रहा है। अब प्रशासन की ओर से एक दूसरे मामले में भी परीक्षा को स्थगित अपनी मंशा को लेकर फिर घिर गया है।
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मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश के बाद परीक्षा को स्थगित किया गया है। ये कैंसिल नहीं हुई है। परीक्षा के लिए शीघ्र ही अगली तारीख की घोषणा की जाएगी।
डॉ. वीके शर्मा, डीआईओएस/प्रभारी बीएसए
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डीआईओएस ने सीबीआई कोर्ट में पैरवी के लिए जाने की बात कह परीक्षा स्थगित करने की मांग की थी। इस पर परीक्षा को स्थगित किया गया है। बाद में अगली तारीख तय की जाएगी।
अभिषेक सिंह, सीडीओ