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रतिनाथ की चाची का प्रस्तुति से झकझोरा

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आजमगढ़। सूत्रधार संस्थान के सालाना नाट्य समारोह आजमगढ़ रंग महोत्सव ‘आरंगम’ का शुभारम्भ शनिवार शाम जिलाधिकारी शिवकांत द्विवेदी, भारतेंदु नाट्य अकादमी लखनऊ के अध्यक्ष रवि शंकर खरे और प्रसिद्ध संस्कृति कर्मी एवं फ़िल्म निर्माता अतुल तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शारदा टाकीज में किया। पहले दिन पटना के रंगमंडल ने रतिनाथ की चाची का मंचन किया। वहीं, डीएम और मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक संजय उपाध्याय ने अतुल तिवारी को सूत्रधार सम्मान प्रदान किया। इसमें मान पत्र, स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र और 11 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।14वें ‘आरंगम’ में पटना के रंगमंडल ने प्रसिद्ध साहित्यकार नागार्जुन के पहले उपन्यास रतिनाथ की चाची का भावपूर्ण मंचन शारदा सिंह के निर्देशन में कर पहली नाट्य प्रस्तुति दी। नाटक की कथावस्तु आजादी के संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। नाटक की मुख्यपात्र गौरी एक विधवा महिला थी, जो अपने स्वाभिमान आत्मनिर्भरता के कारण समाज के पुराने विचारों की वाहक दमयंती फूफी जैसे चरित्रों की आंखों में गड़ती रहती है। मानवीय स्वभाव के कारण परिस्थितिजन्य हालात में गौरी का अपने देवर जयनाथ के साथ संबंध बन जाता है। परिणाम स्वरूप वो गर्भवती हो जाती है। समाज के लाख ताने के बाद भी वो कुल मर्यादा की रक्षा की सोच कर जयनाथ का नाम नहीं लेती। महिलाओं के समूह से ताने सुनती है। बेटा उमानाथ से भी अपमानित की जाती है। इन सब के बीच भी अपने देवर के पुत्र रतिनाथ को कलेजे से लगाए रखा। रतिनाथ भी चाची के प्रति हमेशा स्नेह भाव रखता है। कहानी के इन्ही ताने-बाने के बीच देश में चल रहे महात्मा गांधी के आंदोलन को जमीन पर मजबूती से चलाने वाली प्रतिनिधि के रूप में दिखती हैं। उसके लिए चरखा चलाना गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन मे लागू करने जैसा है। मरते समय रतिनाथ से वो यही कहती है कि तुम्हे भी गांधी की राह पर चलना है। सत्य की राह पर। नाटक में मुख्य भूमिका में अभिषेक आनन्द, शारदा सिंह, सुबन्ति बनर्जी, रूबी खातून, विनीता सिंह, अदिति मंजरी, हेमा, सुमन कुमार, समीर कुमार, रोहित चंद्रा, उज्ज्वल कुमार, लवकुश कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों को चमत्कृत किया। संजय उपाध्याय के संगीत ने दर्शकों को वाह वाह करने के लिए मजबूर कर दिया। प्रकाश परिकल्पना महेश सूफी की रही। मंच सज्जा जितेंद्र जित्तू का रहा। हार्मोनियम पर रोहित चंद्र, राजू मिश्रा, ढोलक पर अभिषेक राज, इफेक्ट पर संयम राज ने प्रभावशाली काम किया। इस अवसर पर डॉ. सीके त्यागी, डॉ. अमित सिंह, डॉ. दीपक पांडेय, डॉ. खुशबू सिंह, अभिषेक पंडित, ममता पंडित, जय भारती, नंदकिशोर यादव आदि के साथ ब्रिटेन से आईं विशेष अतिथि रोज मौजूद रहीं।
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