आजमगढ़। अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में पति को दस वर्ष, सास और ननद को छह वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। शनिवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशद अहमद हासिमी ने सुनाई। पश्चिम बंगाल, जिला चौबीस परगना, थाना- जगदल आदर्शपल्ली निवासी मेवा लाल की पुत्री सरिता की शादी गंभीरपुर थाना के बिंद्राबाजार रानीपुर निवासी उत्तम जायसवाल पुत्र गोपाल प्रसाद जायसवाल के साथ 17 फरवरी 2010 को हुई थी। दो अगस्त 2010 को सरिता की मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता ने गंभीरपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में आरोप है कि विवाहिता के ससुराल वाले शादी के समय ही दहेज में मोटर साइकिल और दो भर सोने की मांग करने लगे। सरिता जब ससुराल गई तो उसके घर वाले मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने लगे। इसी मांग को लेकर विवाहिता के घर वाले उसे जलाकर मार डाले। इस मामले में गंभीरपुर थाना पुलिस ने पति उत्तम जायसवाल, सास कांती देवी, ननद रानी उर्फ रजनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे के वादी मेवा लाल समेत कुल नौ गवाहों को परीक्षित कराया गया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद विवाहिता के पति, सास और ननद को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।