आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कार्य की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण और समीक्षा करने के लिए तीन दिसंबर के मुख्यमंत्री के जनपद आने की संभावना जताई गई थी। इस संबंध में संभावित प्रोग्राम भी यूपीडा के सीईओ की ओर से भेजा गया था। अब मुख्यमंत्री के दौरे को टलने की बात कही जा रही है। अब उनके छह दिसम्बर या उसके बाद आने की बात कही जा रही है। फिलहाल कार्यक्रम को लेकर एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आने वाले अवरोध हटाने के कार्यों में तेजी आ गई है। लखनऊ के चांद सराय से गाजीपुर के हैदरिया कर बनने वाले वाले 340.82 किमी लंबे सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लगभग 84 किमी का हिस्सा जनपद से होकर गुजरने वाला है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कुल आठ पैकेज घोषित किए गए हैं। इसमें तीन पैकेज जनपद से होकर गुजर रहे हैं। पैकेज पांच के निर्माण का जिम्मा जीआर इंफ्रास्टक्चर और छह-सात के निर्माण का जिम्मा पीएनजी को मिला है। पीएनजी की ओर से सदर तहसील के किशुनदासपुर में बेस कैंप के पास हैलीपैड बनाया जा चुका है। सीएम जनपद में परियोजना के कार्यों को स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं। सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से कुल 888 हेक्टेयर जमीन लेनी थी। इसमें अभी तक 94 फीसदी जमीन ली जा चुकी है। 104 हेक्टेयर जमीन सरकारी जमीन में अभी आठ हेक्टेयर का पुनर्ग्रहण शेष है। अभी भी किसानों से लगभग 52 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। रास्ते में आ रहे हैंडपंप को जल निगम की ओर से, तार को हटाने के कार्य बिजली विभाग की ओर से किया जा रहा है। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने सभी संबंधित तहसीलदारों को 31 दिसंबर तक शेष जमीन का बैनामा कराने को कहा है।