लाटघाट। रौनापार क्षेत्र के गन्ना किसानों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार की सुबह महुला-गढ़वल बांध पर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष रौनापार गिरिजेश सिंह रघुवंशी ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया। सगड़ी तहसील क्षेत्र के महुला गढ़वल बांध के बेलहिया ढाला से देवारा अंचल को जाने वाले रास्ते पर छोटी सरयू नदी की शाखा पर 1994 का बने पुल के दो पावे धंस चुके हैं। 2018 में आई बाढ़ में यह और धंस गया। जिसके कारण लगभग दो दर्जन गांवों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। चार पहिया वाहनों का आवागमन बाधित होने से क्षेत्र के लोगों को नैनिजोर इस्माईलपुर के रास्ते पांच से छह किमी अधिक दूरी तय करके आवागमन करना पड़ता है। इसी रास्ते से सहकारी चीनी मिल घोसी को किसान गन्ना लेकर जाते थे। रास्ता बंद होने से गन्ना किसानों को परेशानी हो रही है। इस पुल को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई लेकिन अभी तक पुल की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ। जिसको लेकर आज गन्ना किसानों ने प्रदर्शन किया। इस पुल से बेलहिया, माधोकापुरा, श्रीनगर, गलसदिया, अचलनगर, अजगरा मसर्की, अराजी अजगरा मगर्वी, धुसवां, इस्माईलपुर, सोनौरा, झनझनपुर, झगरहवा, बांका, बूढ़नपट्टी, अभ्भनपट्टी आदि गांवों के लोगों का आवागमन होता है। लोगों के प्रदर्शन की सूचना पर एसओ रौनापार पहुंचे और लोगों को समझाकर प्रदर्शन को समाप्त कराया। इस मौके पर सत्येंद्र चतुर्वेदी, मोहम्मद आरिफ, चंद्रपति यादव, दीपचंद यादव, रामदास, अंगद यादव, दीनानाथ यादव, राम दरस, राजन, भोरिक यादव, अशोक यादव, जयप्रकाश आदि उपस्थित थे।