अहरौला। भ्रष्टाचार निवारण मंच के संयोजक लक्ष्मी चौबे के नेतृत्व में रविवार को बस्ती भुजबल स्थित शिवमंदिर परिसर में अभिभावकों की बैठक हुई। जिसमें विद्यालयों में गिरती शिक्षा व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री को लोगों के हस्ताक्षर युक्त पत्र भेजकर विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि खराब हो गई शिक्षा व्यवस्था सरकार की लाख कोशिशों के बाद सुधर नहीं रही है। परिषदीय स्कूलों में बच्चे गायब हैं। पठन-पाठन के नाम पर स्कूल के शिक्षक नेतागिरी कर रहे हैं न समय से स्कूल पहुंचते हैं न बच्चों का कोर्स पूरा करवाते हैं। यही शिक्षक जगह-जगह कोचिंग सेंटर डालकर इन्हीं बच्चों को कोचिंग पढ़ा रहे हैं। इससे एक बच्चे से एक विषय की पढ़ाई के लिए महीने में 500 से 600 रुपये लिया जाता है। यह ऐसी व्यवस्था का परिणाम है कि स्कूल में पढ़ाई होती नहीं है। मजबूर होकर माता-पिता को अपने बच्चे के लिए कोचिंग की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इस विषय पर सभी अभिभावक आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयार हैं और छात्र भी चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो। समय से क्लास चले, समय से कोर्स पूरा हो यह तभी संभव है। इसके लिए परीक्षा की तर्ज पर पठन-पाठन का कार्य भी सीसीटीवी कैमरे की जद में हो। अभिभावकों ने हस्ताक्षर युक्त पत्र मुख्यमंत्री को उनके ऑनलाइन पोर्टल और प्रधानमंत्री को प्रेषित किया। इस मौके पर वीरेंद्र सोनकर, अमरनाथ चौबे, कालीचरण प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य अवनीश चौबे, अमित यादव, प्रेम यादव, आकाश गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता, श्यामू गुप्ता, अशोक चौबे, प्यारे यादव, बृजेश चौबे आदि उपस्थित थे।