आजमगढ़। जनपद के विभिन्न विकास खंडों में कृषि विभाग की ओर से आयोजित की जा रही कार्यशाला आयोजन के दूसरे दिन गुरुवार को ब्लाक ठेकमा, बिलरियागंज, रानी की सराय में गोष्ठी और प्रदर्शनी हुई। इस दौरान किसानों को नवविकसित कृषि यंत्रों से फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाने की सीख दी गई। रानी की सराय में कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संयुक्त कृषि निदेशक सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन से कार्बनिक जीवांश की मात्रा में वृद्धि होगी और पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा। उपयोगी कृषि यंत्रों पर सरकार की ओर से 40 से 50 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। श्रबमास्टर, स्ट्रारीपर, रीपर कम बाइंडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, सुपर स्टा मैनेजमेंट सिस्टम आदि बहुत ही उपयोगी हैं। खरीफ फसल में जो किसान फसल अवशेष जलाने के दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध अर्थदंड लगाया जाएगा। भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सोलर पंप, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और विभागीय अन्य योजनाओं में अनुदान की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर आरके आनंद ने औषधीय पौधों के बारे में बताया। लाल बहादुर सिंह ने धान, अरहर, तिल तथा खरीफ की अन्य फसलों में लगने वाले कीट एवं व्याधियों से बचाव की जानकारी दी। बिलरियागंज में उप कृषि निदेशक डॉ. आरके मौर्य ने जानकारी दी। जिला उद्यान अधिकारी बालकृष्ण वर्मा ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना ,आयुष योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बागवानी, सब्जी, फूल, औषधि, मधुमक्खी पालन एवं मशरूम की खेती की जानकारी दी। ठेकमा में सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार राय ने नव विकसित कृषि यंत्रों के माध्यम से उसके प्रबंधन पर बल दिया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने कृषि निवेशों, मुख्य रूप से जिंक सल्फेट, सूक्ष्म तत्व, जिप्सम और कृषि रक्षा रसायनों पर मिलने वाले अनुदान के बारे में जानकारी दी। पंजीकरण शिविर भी लगाया गया। रानी की सराय में 128, बिलरियागंज में 156 और ठेकमा में कुल 187 किसानों को लाभान्वित किया गया। शुक्रवार को विकासखंड मेंहनगर, महाराजगंज और मोहम्मदपुर में आयोजित होगा।