आजमगढ़। जिला पंचायती राज विभाग के खेल भी निराले हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खाते में 23 करोड़ पड़े थे इसके बाद भी डीएम और कमिश्नर को ये बताया गया कि पैसे न होने से शौचालय निर्माण प्रभावित है। कमिश्नर-डीएम ने 26 जुलाई को प्रमुख सचिव को फोन पर जानकारी देकर धन की मांग कर दी।
इस प्रमुख सचिव बिफर पड़े। बताया कि आपके खाते में 23 करोड़ पड़े हैं और आप उसे खर्च भी नहीं कर पाए हैं। इसके बाद मामले की जांच की गई तो पता चला कि सात जुलाई को ही धनराशि आ गई थी। पांच जुलाई के बाद एकाउंट को ही चेक ही नहीं किया गया था।
दोनों अधिकारियों की नाराजगी के बाद सीडीओ ने सहायक लेखाकर की सेवा समाप्त कर दी है। संबधित पटल सहायक को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई है। वहीं डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन में जनपद की स्थिति ऐसे ही खराब नहीं है।
सात जुलाई से योजना के तहत खोले गए खाते में 23 करोड़ की धनराशि आ गई थी, लेकिन विभाग को जानकारी नहीं थी। धन खत्म मान कर शौचालय निर्माण की प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया था। कमिश्नर जगत राज और डीएम शिवाकांत द्विवेदी को भी यही जानकारी दी गई कि धन खत्म होने और शासन से धनराशि न भेजे जाने से शौचालय बनाने का कार्य प्रभावित है।
दोनों अधिकारियों ने इस संबंध में 26 जुलाई को प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग से बात की। समस्या बताते हुए धन भेजने की डिमांड की। इस पर उन्होंने चेक कर बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के जनपदीय खाते में सात जुलाई को ही 23 करोड़ भेजे गए हैं।
ये धनराशि वैसे ही खाते में पड़ी है। धन खर्च न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद कमिश्नर और डीएम ने विभागीय अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। जांच की गई तो पता चला कि एकाउंट देखने वाले विभागीय सहायक लेखाकार ने पांच जुलाई के बाद एकाउंट चेक ही नहीं किया था।
उस दिन की रिपोर्ट को अभी तक आगे बढ़ाया जा रहा था। डीएम के निर्देश पर इसे गंभीर प्रकरण मानते हुए मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार उपाध्याय ने सहायक लेखाकार (संविदा) मनोज यादव की सेवा समाप्त कर दी है। विभागीय पटल देखने वाले लिपिक आत्मा तिवारी को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई है। साथ ही डीपीआरओ आनंद प्रकाश को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
सर्विस प्रोवाइडर की ओर से उपलब्ध कराए गए सहायक लेखाकार की सेवा समाप्त की गई है। लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि भी जारी कई गई है। किस प्रकरण में कार्रवाई हुई है इसकी जनाकरी विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अनिल कुमार उपाध्याय, सीडीओ