आजमगढ़। डीएम शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में गो-संरक्षण समिति की बैठक हुई। उन्होंने बताया कि गोशाला को स्वालंबन की ओर बढ़ाने के लिए बायोगैस, कंपोस्ट से बनाए जाने वाले विभिन्न पदार्थों साबुन, अगरबत्ती, मच्छर भगाने के क्वायल, गोलाइल (गो-मूत्र से बनी फिनायल), औषधियों के उत्पादन एवं विक्रय में सहायता प्रदान करने पर जोर दिया। कहा कि जहां छुट्टा गोवंश को रखने के लिए काजी हाउस न हों वहां गोशाल का कांजी हाउस के रूप में उपयोग करें। गोचर, बंजर और अन्य राजकीय भूमियों से अवैध कब्जे हटाकर चारागाह विकसित किया जाए। सीवीओ को निर्देशित किया कि उद्यमियों को गोशाला के गोबर, गोमूत्र के सदुपयोग के लिए बड़े बायोगैस, सीएनजी प्लान्ट लगाने और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित करें। गोशाला बनाने के लिए चारागाह की जमीन को चिह्नित करें। चारे की भी व्यवस्था होनी चाहिए। लोगों से अपील की कि यदि गाय को कोई कसाई अवैध रूप ले जा रहा है तो अपने हाथ में कानून न लें। पुलिस के उच्चाधिकारी को अवगत कराएं। सीडीओ अनिल कुमार उपाध्याय, डीडीओ रवि शंकर राय उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 10 को
आजमगढ़। डीएम शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अर्न्तविभागीय समन्वय समिति बैठक के अन्तर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। कहा कि कृमि संक्रमण से जहां बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास बाधित होता है वहीं पोषण और हीमोग्लोबिन का स्तर भी दुष्प्रभावित होता है। 2018-19 के प्रथम चरण का राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 10 अगस्त को किया जाना है। इसमें एक से पांच वर्ष के सभी पंजीकृत बच्चों को और छह से 19 वर्ष तक के सभी स्कूल जाने-न जाने वालों एलबेन्डाजॉल की खुराक दी जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 1-2 वर्ष के बच्चों को एलबेल्डाजॉल (400एमजी) की आधी गोली, 2 से 3 वर्ष के बच्चों को एक गोली 4 से 19 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। इसी के साथ-साथ शासी निकाय की भी बैठक हुई। प्रसव केन्द्रों की प्रगति, प्रधानमंत्री मातृ वन्दन योजना, जननी सुरक्षा योजना, परिवार, मातृ तथा शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा अनटाइड फंड की समीक्षा की गई। जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत अहरौला प्राथमिक की प्रगति सबसे खराब पाए जाने पर नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दन योजना में फूलपुर, अहरौला, तरवां की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम पाए जाने पर फटकार लगाई गई। सीएमओ डॉ. रविन्द्र कुमार, सीएमएस डॉ. अमिता अग्रवाल, नोडल अधिकारी डॉ. वाई के राय, डॉ. ओम प्रकाश, सतीश कुमार, विपिन उपस्थित रहे।