फूलपुर। कस्बा स्थित मातादीन साहू आर्य विद्यालय में आर्य समाज की ओर से चल रहे संगीतमयी सत्संग समारोह के अंतिम दिन शनिवार की रात सत्संग सुनने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। विद्वानों ने भारत की महानता का गुणगान किया। स्वामी दयानंद सरस्वती की ओर से समाज को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके सराहनीय कार्यों को विस्तार से बताया गया। बहन श्रुति आर्या ने कहा कि वेद सब सत्य विधाओं की पुस्तक है। उसे पढ़ना सुनना आर्यों का परम धर्म है। त्रियोगी नारायण ने कहा कि स्वामी दयानंद वैदिक धर्म एवं संस्कृति के समस्त स्वरूपों के उज्ज्वल प्रतीक थे। गाजियाबाद से आए विद्वान शिवानंद ने कहा कि सब कार्य धर्मानुसार यानी सत्य और असत्य पर विचार करके करना चाहिए। भौतिकता और अध्यात्म के समन्वय पर जोर दिया। संचालन आर्य समाज के मंत्री डा. राजेन्द्र प्रसाद आर्य ने किया।