आजमगढ़। किसान पाठशाला के दूसरे दिन मंगलवार को जनपद के 207 चयनित ग्राम पंचायतों में मास्टर ट्रेनरों की ओर से कृषि निवेश, कृषि यंत्रीकरण, सोलर पंप, जल प्रबंधन, स्प्रिंकलर सिंचाई, पशुपालन और मत्स्य विभाग की योजनाओं के वारे में जानकारी किसानों को दी गई। मास्टर ट्रेनरों की ओर से बताया गया कि उन्नत प्रजातियों के शुद्व बीज का चयन करने से 15 से 20 प्रतिशत उत्पादकता में वृद्वि होती है। अधिकृत संस्था से ही बीज खरीदें। संतुलित मात्रा में मृदा स्वास्थ कार्ड के अनुसार रसायनों का प्रयोग करें। कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान है। कस्टम हायरिंग और फार्म मशीनरी बैंकों की स्थापना पर अनुदान 40 और 80 प्रतिशत है। सोलर सिंचाई पंप दो, तीन एचपी पर 70 प्रतिशत अनुदान तथा पांच एचपी पर 40 प्रतिशत अनुदान है। किसानों को बताया गया कि पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग है। इससे न केवल दुग्ध उत्पादन होता है बल्कि उनके गोबर एवं मूत्र का खेती में प्रयोग कर लाभ पाया जा सकता है। मत्स्य पालन की योजनाओं की भी जानकारी दी गई।