मेजवां/अहरौला। फूलपुर तहसील मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम स्थित तमसा-मजुंषा तट पर कार्तिक पूर्णिमा पर मेले में बटोर के दिन शुक्रवार को ही काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। ऋषि दुर्वासा की महिमा की गीत गाती टोली बनाकर महिलाएं दुर्वासा धाम पहुंची। शनिवार को मुख्य स्नान होगा।
दुर्वासा धाम में शुक्रवार को सुबह से ही स्नानार्थियों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देर शाम तक वहां काफी संख्या में भीड़ जुट गई थी। मेले में दूकानें सज गई हैं। अधिकतर दुकाने खजला और मिष्ठान की हैं। सड़कों के किनारे लाई, चूरा और गुड़ की जलेबी की दुकानें सजी हैं। मेला केंद्र से तीन किलोमीटर पहले ही बड़े वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। घाटों पर भी पुुलिस लगाई गई है। ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालु गृहस्थी के सामान खरीद रहे हैं। फूलपुर के खुरासन रोड रेलवे स्टेशन पर शाहगंज-बलिया पैसेंजर और बलिया-शाहगजं ट्रेन से भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। शुक्रवार को खुरासन रोड रेलवे स्टेशन से काफी संख्या में लोग दुर्वासा धाम को रवाना हुए।
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सभी तैयारियां पूरी
आजमगढ़। मेले में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल आदि की व्यवस्था फूलपुर और निजामाबाद नगरपंचायत की ओर से कराई जा रही है। जेबकतरों, चेन स्नैचर, शोहदों पर सुरक्षा बलों की विशेष नजर होगी। पुलिस और खुफिया विभाग के लोग भी सादे कपड़ों में चक्रमण करते रहेंगे। मेला समिति के अध्यक्ष प्रेम गिरी ने बताया की स्नान घाट पर प्रकाश व्यवस्था की गई है, क्योंकि तड़के से ही स्नान शुरू हो जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से बरहा भी लगाया गया है। चार गोताखोर भी रहेंगे। मंदिर के पुजारी श्रीराम गिरी ने बताया कि लाखों से ऊपर श्रद्धालु यहां डुबकी लगाएंगे।
रही जाम की स्थिति
अहौरला। मेला स्थल पर पहुंचने वाले हर मार्ग पर शुक्रवार को जाम की स्थिति रही। फूलपुर, दुर्वासा, फुरवरिया, गहजी मार्ग पर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। मेला प्रभारी एसडीएम निजामाफाद बागीश कुमार शुक्ला ने बताया कि मिलावटखोरों पर विशेष नजर होगी। मेला क्षेत्र में भ्रमण कर दुकानदारों चेतावनी दी जा चुकी है। समान ढक कर रखने को कहा गया है।