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अघोषित कटौती ने उड़ाई नींद, ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

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आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश जारी किया है, लेकिन वर्तमान में जिले के ग्रामीण इलाकों में सरकार के आदेश के विपरित 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। बिजली के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अघोषित विद्युत कटौती से लोगों में गहरी नाराजगी पनप रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार को कोस रहे हैं। वहीं विभाग कंट्रोल से ही कटौती का हवाला देकर पीछा छुड़ा रहा है।
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अंबारी संवाददाता के अनुसार फूलपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति विद्युत उपकेंद्र फूलपुर की है। क्षेत्र के अंबारी, पलिया, खानजहांपुर, बिलारमऊ, गोधना, पुरामया पांडेय, निजामपुर, माहुल में अघोषित कटौती चरम पर है। बिजली कब आएगी और जाएगी कोई समय नहीं है। इसी क्रम में पुष्पनगर में स्थापित विद्युत स्टेशन से खेतापट्टी, बेला, फतेपुर, डीह कैथौली आदि गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। फाल्ट हो जाने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहती है। खेतापट्टी के प्रधान मनीष सिंह ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। यदि जल्द समस्या का हल नहीं निकला तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे। जहानागंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से लोगों में गुस्सा है। क्षेत्र के कमाल असगर, मंजूर, महेंद्र, दयानंद मौर्य, सूर्यनाथ लाल, अरविंद चौहान, रामनिवास चौहान, शिवचंद गुप्ता आदि ने बताया कि बिजली कटौती से लोगों बुरा हाल है। जब से भाजपा की सरकार आई है, जिस प्रकार से कटौती हो रही है, ऐसी कटौती पहले नहीं होती थी। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि कटौती बंद नहीं हुई तो विद्युत सब स्टेशन का घेराव किया जाएगा। वहीं एसडीओ विजय यादव ने बताया कि यह कटौती कंट्रोल रूम से हो रही है।
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