आजमगढ़। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडल के तीन जिलों के 13 धार्मिक और पौराणिक स्थलों पर मंदिरों के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें आजमगढ़ जनपद के प्रसिद्ध बाबा भंवरनाथ मंदिर का भी विकास शामिल है। शासन की ओर से आदेश दिय गया है कि स्वीकृत बजट के अंदर ही विकास की कार्ययोजना बनाकर पेश करें।
यूपी सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से विकास कराया जा चुका है। इसके पूर्व जनपद में ऋषि दुर्वासा, दत्तात्रेय, चंद्रमा ऋषि आश्रम और अवंतिकापुरी धाम का विकास कराया जा चुका है। वहीं अब आजमगढ़ मंडल के 13 धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। शासन की ओर से जिन धार्मिक व पौराणिक स्थलों के विकास को मंजूरी दी गई है। उसमें आजमगढ़ के चार, बलिया के छह और मऊ के तीन स्थल चयनित किए गए हैं। शासन से धन मिलते ही इन धार्मिक स्थलों पर विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। आजमगढ़ में सबसे महत्वपूर्ण बाबा भंवरनाथ मंदिर का विकास है। यहां पर पूरे वर्ष हर दिन कोई न कोई धार्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ भी जनपद आगमन के दौरान मंदिर में मत्था टेक चुके हैं। काफी दिनों से मंदिर के विकास की मांग की जा रही थी।
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आजमगढ़ के चयनित स्थल और स्वीकृत बजट
- निजामाबाद के मंझारी बाजार स्थित श्री राम जानकी मंदिर। - 1 करोड़ रुपये।
- दीदारगंज के जगदीशपुर स्थित शिव मंदिर। - 1 करोड़ रुपये।
- आजमगढ़ का बाबा भंवरनाथ मंदिर। - 1 करोड़ रुपये।
- आजमगढ़ के मड़या मुहल्ला स्थित शिव मंदिर और हनुमान मंदिर। - 2 करोड़ रुपये।
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जनपद में चार स्थानों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। अभी तक शासन की ओर से कोई स्वीकृति नहीं मिली है। यह जिन प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है उनकी कार्ययोजना बनाकर शासन को पेश की जानी है।
रुपेश कुमार गुप्ता, जिला पर्यटन सूचना अधिकारी।