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आंगनबाड़ियों के एक धड़े का धरना शुरू

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आजमगढ़। न्यूनतम वेतन, पेंशन, फंड जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष मोर्चा जनपद इकाई का दो दिवसीय धरना सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर शुरू हो गया। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिकाओं ने कहा कि सरकार अगर हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो आंदोलन और तेज होगा।
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मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने कहा का अगर सरकार हम लोगों की दो दिवसीय धरने के उपरांत मांगों को पूरा नहीं करती है तो समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं सात से 11 फरवरी तक लखनऊ में क्रमिक अनशन करेंगी। योगी सरकार अपने वादों से मुकर रही है। कार्यकत्रियों से आह्वान किया कि अपने हक के लिए संघर्ष करने को तैयार रहे। जिला महामंत्री कंचन यादव ने कहाकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की मांगे पिछले कई वर्षों से लंबित है। इस बार यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक हमें लिखित रूप से स्वीकृति नहीं मिलती है। संचालन सरोज पाल ने किया। संगीता गौड़, रीना यादव, कुसुमलता राय,निशा यादव, परमिला, शकुंतला, मंजू मौर्य, सरस्वती, कंचन, उर्मिला, अर्चना, शिवकुमारी, शशिकला, सर्वेश यादव, माधुरी, शैलजा, सुशीला, सरिता, आशा, लालसा, गीता, रिंकू, किरन, बिन्दुमति, पूनम, गीताजंलि, लालमती, अनीता, मंजूला सहित भारी संख्या कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

दूसरे धड़े ने भी किया धरने का एलान
आजमगढ़। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सुमित्रा सिंह ने सोमवार को बताया कि शासन की ओर से हमारी सात सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया गया हैं। इसके विरोध में संघ ने पांच दिवसीय धरना देने का निर्णय लिया है। ये पांच फरवरी को आंबेडकर पार्क में शुरू होगा। सात सूत्रीय मांगों में राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 18000 और सहायिका को 9000 मानदेय देने, मुख्य सेविका के रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत कार्यकत्रियों को पदोन्नत करने, सामाजिक सुरक्षा एवं ईपीएफ योजना का लाभ देने, 30 दिन का सवैतनिक अवकाश देने, रुके मानदेय का भुगतान करने और दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल है। इसके साथ ही एक हजार की जनसंख्या पर मिनी कार्यकत्री को आंगनबाड़ी कार्यकत्री घोषित करते हुए मानदेय देने और सेवा नियमावली बनाने की मांग की।
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