सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव शनिवार की सुबह एक बार फिर नोकेन में बंद हो गई। पेराई सत्र शुरू होते ही मिल का बार-बार बंद होना सही संकेत नहीं है। इस संबंध में मुख्य गन्ना अधिकारी राधेश्याम पासवान से बात की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। विपक्षी संचालकों का आरोप है कि किसानों तक समय से पर्ची नहीं पहुंची है। सही सर्वे न होने के कारण मिल नोकेन में बंद है। जनपद की इकलौती औद्योगिक इकाई सठियांव मिल शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे नोकेन में बंद हो गई। प्रबंधन अब गन्ना बटोरने में लगा है। इनके अनुसार गन्ने की सप्लाई में छिलाई समस्या बन रही है। संचालक रामअवध यादव, पूर्व उपसभापति आनंद उपाध्याय का आरोप है कि सेंटर की व्यवस्था सही न होने व समय से किसान तक पर्ची नही पहुंचने से चीनी मिल बंद हुई है। काशीपुर के सबई यादव, मंझरिया के रामनयन यादव, सुराईं के गुरुप्रसाद यादव ने बताया कि हमारे क्षेत्र में पेड़ी का सर्वे अभी तक नहीं हुआ है। संचालकों की मांग है कि प्रबंधन छिलाई का प्रबंध करे। किसान गन्ना क्यों नहीं ला रहे हैं इसकी जांच हो। पूर्व प्रधान जित्तन यादव का कहना है कि गन्ना नई प्रजाति का है छिलाई में दिक्कत हो रही है। मिल को व्यवस्था करनी चाहिए।
अब तक बनी तीन हजार बोरी चीनी
सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव में शनिवार की सुबह तक एक लाख क्विंटल गन्ने की पेराई के बाद 3000 बोरी चीनी का उत्पादन हो चुका है। मिल आंकड़े के हिसाब से 400 मेगावाट बिजली उत्पादन कर मुहम्मदाबाद पावर ग्रिड को भेज दी गई है।