मेजवां। करबला में लुटे हुए काफिले की याद में रविवार को फूलपुर तहसील क्षेत्र के कंदरी गांव स्थित मस्जिद से अंजुमन दस्त-ए-मेहंदी की ओर से जुलूस-ए-अमारी निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अमारियों पर फूल-माला चढ़ाकर खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस गांव के विभिन्न अजाखानों से होकर मरहूम सरदार हुसैन और आफताब हुसैन के कैंपस में पहुंचा तो अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। मौलाना डॉ. काजिम मेहंदी उरूज जौनपुरी ने मजलिस को खिताब किया। कहा कि महात्मा गांधी इमाम हुसैन की कुर्बानी से प्रभावित होकर हिंदुस्तान को आजाद कराने के लिए नमक आंदोलन पर 72 की संख्या लेकर निकले थे। शारिब अब्बास, मौलाना नसीर आजमी, हसन सादिक ने भी मजलिस को खिताब किया। अंजुमन जाफरिया, अंजुमन इमामिया, अंजुमन मोइनुल मोमनीन, अंजुमन असगरिया ने नौहा मातम पेश कर खिराजे अकीदत पेश की। देर शाम हजरत इमाम हुसैन के रौजा पर समापन किया गया। निजामत जीशान हैदर ने किया।