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बाढ़ के पानी से घिरे देवरांचल के सभी 125 गांव

Tue, 21 Aug 2018 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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लाटघाट घाघरा की बाढ़ के चपेट से सेमरी में डूबा घर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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लाटघाट। देवरांचल में बाढ़ का कहर जोरो पर है, जलस्तर में धीमी गति से कमी आने के बाद भी क्षेत्र के सभी 125 गांव बाढ़ के पानी से घिरे है, जिसके चलते सवा लाख की आबादी बूरी तरह से प्रभावित हो गयी है। चक्की और देवारा खास राजा गांव की स्थिति तो यह है कि लोगों के घरों में अब बाढ़ का पानी घुस रहा है। जिसके चलते लोग तेजी से अपने आशियानें को छोड़ रहे है। वहीं नाव की कमी लोगों के लिए समस्या बन गयी है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के 125 गांव बाढ़ प्रभावित देवारा क्षेत्र में आते है। देवरांचल में इस समय घाघरा नदी अपने पूरे उफान पर है। दो दिनों से जलस्तर में धीमी गति से कमी जरूर दर्ज की जा रही है, इसके बाद भी स्थिति भयावह बनी हुई है। चक्की और देवारा खास राजा गांव में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके चलते लोग अब अपना आशियाना छोड़ कर सुरक्षित स्थानों की ओर तेजी से रवाना होने लगे है।

चक्की और देवारा खास राजा गांव में तहसील प्रशासन ने मात्र पांच से छह नाव लगाये है, जबकि देवारा का यह सबसे प्रभावित होने के साथ ही सर्वाधिक आबादी वाला गांव है। नाव की कमी के चलते ग्रामीणों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ रही है। जो स्थिति है यदि ऐसी स्थिति दो चार दिन और रह गये तो निश्चित तौर पर कई कच्चे मकान धराशायी भी हो सकते है।
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24 घंटे में धीमी रफ्तार से घटा जलस्तर
लाटघाट। घाघरा के जलस्तर में मंगलवार को भी कमी दर्ज की गई, लेकिन घटने की रफ्तार काफी धीमी रही। डिघिया गेज पर घाघरा अभी भी लाल निशान से 116 सेमी और बदरहुआ नाले पर 67 सेमी ऊपर बह रही है। बीते 24 घंटे में बदरहुआ नाले पर 9 सेमी और डिघिया नाले पर चार सेमी का जलस्तर में घटाव दर्ज किया गया।

शुरू हुई पशुओं के चारे की समस्या
लाटघाट। घाघरा नदी के पानी से घिरे गांव में रहने वाले पशु पालकों के समक्ष अब मवेशियों के चारे की समस्या खड़ी हो गयी है। चारो तरफ बाढ़ का पानी भरा होने से पशुओं के लिए चारे का इंतेजाम नहीं हो पा रहा है। पशुपालक किसी तरह नाव से बंधे पर पहुंच रहे है और फिर बांध के दूसरी तरफ मौजूद हरी घास काट कर मवेशियों के लिए ले जा रहे है। पशुओं के चारे को लेकर पशुपालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। देवरांचल के बाढ़ से घिरे सभी 125 ग्रामों में पचास हजार से अधिक मवेशी है।
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