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राष्ट्रीय शोक में भी खुला रहा शिब्ली पीजी कालेज

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आजमगढ़। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के निधन पर शुक्रवार को सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सभी शिक्षण संस्थाओं और कार्यालयों को बंद रखा गया था। इसके साथ ही सरकारी भवनों पर राष्ट्रध्वज आधा झुका दिया गया था। वहीं शहर में शिब्ली पीजी कॉलेज खुला हुआ था और प्रवेश कार्य चलता रहा। छात्र नेताओं और अभिभावक संघ ने जब विरोध दर्ज कराया तो महाविद्यालय ने महाविद्यालय बंद कराया। सर्वप्रिय जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले वाजपेयी जी के गुरुवार की शाम निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। इसके बाद भी शिब्ली पीजी कॉलेज शुक्रवार को खुला रहा। कालेज में शैक्षणिक कार्य तो नहीं हुए, लेकिन प्रवेश की कवायद चल रही थी। दस बजे अभिभावक संघ और छात्र नेताओं को इसकी जानकारी होने पर इन लोगों ने कॉलेज के गेट पर विरोध प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन करने वालों में गोविंद दुबे, चंद्र प्रताप, आशुतोष, अखिलेश, दीनू, अरुण सिंह, शिवेंद्र राय, धीरज सिंह, शौर्य सिंह आदि शामिल रहे।
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पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर महाविद्यालय में भी शोक था। कॉलेज बंद था और शोकसभा कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि भी दी गई। चूंकि 15 अगस्त को प्रवेश परीक्षा की सूची जारी हुई थी, जिस पर 17 को प्रवेश कराने का निर्देश छात्रों को दिया गया था। कई छात्र दूर-दराज और गैर जनपदों से भी आए थे। जिसके चलते प्रवेश कमेटी सिर्फ उनके कागजों को देख कर कमियों को बता रही थी। दूर से आने वाले छात्रों की समस्या को देखते हुए ऐसा किया गया था। किसी भी प्रकार के प्रवेश की कवायद नहीं हुई। सार्वजनिक अवकाश और पूर्व पीएम के शोक में महाविद्यालय पूरी तरह से बंद था। मैं स्वयं सुबह आठ से दस बजे तक महाविद्यालय में था और शोकसभा कराई।
ग्यास असद खान, प्राचार्य, शिब्ली पीजी कॉलेज, आजमगढ़।

शिब्ली पीजी कॉलेज प्रशासन जानकारी के बाद भी अपने नियमों के तहत काम कराता है। अक्सर ही इस महाविद्यालय द्वारा ऐसी कवायद की जाती है जो गलत होती है। शासन ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, इसके बाद भी कालेज प्रशासन नये एडमिशन लेने में जुटा हुआ था। महाविद्यालय प्रशासन की यह कवायद राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है, ऐसे में जिला प्रशासन को महाविद्यालय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर कार्रवाई की जानी चाहिए, यदि जिला प्रशासन मुकदमा नहीं दर्ज कराता तो अभिभावक महासंघ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज करायेगा।
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गोविंद दुबे, सचिव, अभिभावक महासंघ, आजमगढ़।

नियमत: तो कालेज प्रशासन को विद्यालय बंद कर शोकसभा आदि करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा कुछ करने के बजाए महाविद्यालय प्रशासन नये प्रवेश करने में जुटा था, जो गलत है। महाविद्यालय प्रशासन की इस कवायद पर जिला प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। प्राचार्य कालेज पर नहीं थे और प्रॉक्टर के निर्देशन में सार्वजनिक अवकाश के दिन भी महाविद्यालय संचालित हो रहा था।
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विनीत सिंह रीशू, छात्र नेता, शिब्ली पीजी कॉलेज, आजमगढ़।
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