आजमगढ़। मऊ जनपद के अल्लूपुर पिडसुई स्थित शिव बाबा बालिका जूहा स्कूल में चार अध्यापिकाओं की नियुक्ति को अवैध बताते हुए शिकायत कमिश्नर से की गई थी। कमिश्नर ने जांच एडी बेसिक को सौंपी थी। एडी के निर्देश पर बीएसए मऊ ने जांच रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट के अनुसार नियुक्ति संदेह के घेरे में हैं। संबंधित पटल सहायक और विद्यालय से नियुक्ति संबंधी अभिलेख मांगे गए तो उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है। एडी बेसिक ने बीएसए से नियुक्ति संबंधी कार्यावली भी तुरंत तलब की है।
मई माह में कमिश्नर से शिकायत की गई थी कि मऊ जनपद के अल्लूपुर पिडसुई स्थित प्रबंधकीय अनुदानिक शिव बाबा बालिका जूहा स्कूल में चार अध्यापिकाओं की नियुक्ति बिना पद सृजित किए अवैध तरीके से फर्जी कार्यवाही दिखाकर की गई है। इससे शासकीय धन का दुरुपयोग हो रहा है।
आरोप लगाया गया था कि चार जून 2005 को जिस डिस्पैच संख्या पर इसी विद्यालय का त्रिभाषा अनुदान स्वीकृत किया गया था, उसी पर इन चार शिक्षिकाओं का अनुमोदन भी दिखाया गया है। कमिश्नर जगतराज ने मामले की जांच एडी बेसिक योगेंद्र सिंह को सौंपी थी। एडी बेसिक के निर्देश पर बीएसए मऊ ओपी त्रिपाठी ने जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि डिस्पैच संख्या 1223 पर अंकित पत्र प्रबंधक शिव बाबा बालिका जूहा स्कूल को संबोधित है। इसमें त्रिभाषा अनुदान स्वीकृति अंकित है। डिस्पैच रजिस्टर में त्रिभाषा शब्द को काटा गया है। अनुदान शब्द को अनुमोदन बनाया गया है। स्वीकृति अलग से लिखा गया है। हस्तलिपि में भी अंतर है। इसके ऊपर और नीचे के कई पत्रांकों में सीरीज में त्रिभाषा अनुदान ही अंकित है। संबंधित पत्रावली पटल सहायक दिलीप सिंह और प्रदीप श्रीवास्तव की ओर से अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। वांछित अभिलेख विद्यालय से मांगे गए, लेकिन नहीं देने पर प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है। बीएसए की इस रिपोर्ट से चार अध्यापिकाओं की नियुक्तियां संदेह के घेरे में आ गई है। एडी बेसिक ने इसके बाद बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि संबंधित पत्रावली उपलब्ध नहीं होने से रिपोर्ट कमिश्नर को नहीं सौंप पा रहे हैं। संबंधित पत्रावली तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए की ओर से जांच रिपोर्ट मिल गई है। संबंधित पत्रावली अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसे तलब किया गया है। मिलते ही रिपोर्ट कमिश्नर को उपलब्ध कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - योगेंद्र सिंह, एडी बेसिक