आजमगढ़। झारखंड के रांची की सैली ट्रैडर्स के यहां से आजमगढ़ मंडल में 12 लाख शीशी कोडीनयुक्त कफ सिरप आया था। यह आजमगढ़ व बलिया की 5-5 और मऊ की दो फर्म को सप्लाई हुई थी। मंडल की इन फर्म ने प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही आदि कई जनपदों में सिरप खपाया था। औषधि प्रशासन ने सभी फर्म को नोटिस जारी किया था। इनमें से आजमगढ़ और बलिया की फर्म ने नोटिस का जवाब दिया है, मऊ के जवाब का इंतजार है। अब प्रशासन इन सभी फर्म के लाइसेंस निलंबित करेगा।
वित्तीय 2023-24 और 24-25 में रांची से कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप मंडल में मंगाई गई थी। इसमें आजमगढ़ की दो फर्म ने एएस फार्मा को कुछ सिरप बेचा था। वहीं बलिया, मऊ व आजमगढ़ की अन्य फर्म ने कोडीयनुक्त सिरप की सप्लाई प्रदेश के दूसरे जनपदों में की थी। दो वर्ष में इन फर्म के यहां रांची से करीब 12 लाख शीशी कफ सिरप आया था। इसमें 9.28 लाख शीशी कफ सिरप केवल आजमगढ़ और बलिया में आया था, जबकि बाकी मऊ में।
मामला उजागर होने पर विभाग ने जब जांच की तो आजमगढ़ मंडल की कुल 12 फर्म की संलिप्तता मिली। वहीं, एक फर्म ने केवल खरीद की है। उसके विरुद्ध प्रशासन ने एफआइआर भी दर्ज करा दी है। इधर, औषधि प्रशासन की तरफ से मंडल की सभी 12 फर्म के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है। इसमें आजमगढ़ और बलिया की फर्म ने अपने जवाब तो दे दिए पर विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं है। अब विभाग इनके लाइसेंस को निलंबित करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में आजमगढ़ मंडल की 12 फर्म ने रांची की शैली ट्रेडर्स से 12 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप मंगाया था। इसकी विवरण निकालकर सभी फर्म को नोटिस जारी किया गया है। इसमें आजमगढ़ और बलिया की फर्म के जवाब आ गए हैं, जो असंतोषजनक हैं। वहीं, मऊ की दो फर्म के जवाब का इंतजार है। सभी फर्म के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे। - गोविंद लाल गुप्ता, सहायक आयुक्त औषधि।