आजमगढ़। डूडा से बनने वाले प्रधानमंत्री शहरी आवास और कांशीराम आवास के नाम पर खुद को डूडा का कर्मचारी बताकर अवैध वसूली करने वाले एक व्यक्ति को विभागीय कर्मचारियों ने मंगलवार को जीयनपुर से पकड़ा। उसके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुआ है जिसमें आधार कार्ड, शपथ-पत्र, पासबुक वगैरह शामिल है। यही नहीं पकड़े गए आरोपी का ने माना है कि एक विभागीय अधिकारी के माध्यम से अब तक उसने 50 लोगों को कांशीराम आवास दिलवाया है। फर्जीवाड़े के आरोप में उसे जेल भी हो चुकी है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास के नाम वसूली के आरोप लगातार लग रहे हैं। पिछले दिनों माहुल नगर पंचायत से डूडा कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया था। सरायमीर से भी पिछले दिनों वसूली के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा गया लेकिन मिलीभगत से पैसे वापस करा मामले को रफा-दफा करा दिया था। डूडा कर्मचारियों ने मंगलवार को सर्वे के दौरान एक व्यक्ति के पास से आधार कार्ड की फोटोकॉपी, 13 लोगों के नाम से आवास के लिए शपथ-पत्र, दो ओरीजनल और 50 से ज्यादा पासबुक की फोटोकॉपी, कई निकायों के पात्र गृहस्थी की सूची, लाभार्थियों के सत्यापन फार्म बरामद किया। पकड़ा गया व्यक्ति वकील अहमद पुत्र सुल्तान हाफिजपुर का रहने वाला है। उसके पास से जगदीश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का आई-कार्ड और एक एसबीआई का फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुआ। इस पर उसका नाम बबलू चौहान पुत्र स्व. रमेश चौहान निवासी बलरामपुर अंकित है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वो 50 लोगों को कांशीराम आवास दिला चुका है। उसने इसमें डूडा के एक पूर्व पीओ की संलिप्तता भी बताई।
वहीं, पीओ डूडा डॉ. महेंद्र प्रसाद का कहना है कि इसकी गैंग में पांच से छह लोग और शामिल होने की जानकारी मिली है। इनका जाल सभी नगर निकायों में फैला है। ये लोग लाभार्थियों से आवास दिलाने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने प्रकरण की जानकारी प्रभारी अधिकारी डूडा एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद को दी। उन्होंने बरामद हुई सूची में शामिल लोगों से तस्दीक करने को कहा कि उनसे किसी प्रकार की वसूली तो नहीं हुई है। वसूली की पुष्टी होने पर एफआईआर के आदेश दिए हैं।