आजमगढ़। डीएवी प्राथमिक सेक्शन में अनियमित नियुक्ति के मामले में निलंबित माध्यमिक शिक्षा विभाग के पटल सहायक योगेंद्र सिंह को डायट से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा को जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं, प्रकरण में मुख्य रूप से तत्कालीन डीआईओएस चंद्रजीत यादव पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। उनके ऊपर भी गाज गिरने के आसार हैं। डीएवी प्राथमिक अनुभाग में तैनात सहायक अध्यापक कृष्ण प्रताप सिंह और सतीश चंद्र की अनियमित नियुक्ति की शिकायत उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामजन्म सिंह ने जिलाधिकारी और डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा से की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय पैनल का गठन किया गया था। इसमें एडीएम वित्त एवं राजस्व, डीएमओ, बीएसए और एडीएसटीओ सुनील सिंह को शामिल किया था। कुछ माह पहले पैनल की रिपोर्ट पर नियुक्ति के निरस्त कर दिया गया था। तथ्य छिपाने के दोषी माध्यमिक शिक्षा विभाग के पटल सहायक योगेंद्र सिंह और अपनी बेटी की नियुक्ति कराने के दोषी तत्कालीन डीआईओएस चंद्रजीत यादव पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया था। प्रकरण को लेकर एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने सदन में सवाल उठाने पर डायरेक्टर माध्यमिक शिक्षा ने पटल सहायक योगेंद्र कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया था। डीआईओएस डॉ, वीके शर्मा ने बताया कि योगेंद्र सिंह को डायट से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा को जांच अधिकारी बनाया गया है। हालांकि उन्होंने तत्काली डीआईओएस चंद्रजीत यादव पर कार्रवाई के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। लेकिन सूत्रों की माने तो उनकी फाइल भी शासन में चल रही है। देर-सवेर भनके खिलाफ भी कार्रवाई के आसार जताए जा रहे हैं। प्रखरण को लेकर डीआईओएस कार्यालय में हड़कंप मचा है।