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अखिलेश के नुमाइंदों ने बांटा गैंगरेप पीड़िता का दर्द

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आजमगढ़। रानी की सराय में पिछले दिनों शिक्षिका को अगवाकर स्कार्पियो में गैंगरेप के प्रकरण में सच जानने के लिए शनिवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज सहित अन्य नेता पीड़िता के घर पहुंचे और युवती और उसके घरवालों से एकांत में बात की। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। साथ ही एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कुछ दिनों पहले ही पुलिस इस मामले को फर्जी बता चुकी है।
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पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले की जांच के लिए तीन स्तरीय जांच कमेटी का गठन बनाई है। जिसमें मेरे अलावा पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा और एमएलसी रामरतन राजभर शामिल हैं। इंद्रजीत सरोज ने कहा कि घरवालों ने बताया कि पुलिस भाजपा नेताओं और सरकार के दबाव में काम कर रही है। पीड़ित परिवार पर हर स्तर का दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान रिकार्ड कराया। इंद्रजीत सरोज ने कहा कि पार्टी हर कदम पीड़िता के साथ हमेशा रही है और आगे भी रहेगी। दस दिसंबर को रानी की सराय थाने का घेराव और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 दिसंबर को शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।
रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली गैंगरेप पीड़िता के घर शनिवार की दोपहर पहुंचे सपा नेताओं के समक्ष परिवार के लोग फफककर रोने लगा। पीड़िता के घर की महिलाओं का कहना था कि जब सम्मान चला गया तो घूंघट डालने का क्या मतलब रह गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जितनी ताकत हम लोगों को धमकाने में लगाया , यदि उतनी ताकत आरोपियों की गिरफ्तारी में लगाती तो शायद यह दिन देखने को नहीं मिलता। शनिवार की दोपहर करीब दो बजे सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव के नेतृत्व में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रजीत सरोज, पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, रामरतन राजभर, पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डा. संग्राम यादव, आलमबदी, नफीस अहमद, पूर्व विधायक बेचई सरोज आदि नेताओं का काफिला पीड़िता के घर पहुंचा। इस दौरान विधायक आलमबदी ने रानी की सराय ब्लाक के पूर्व प्रमुख इसरार की सराहना की। बताया कि घटना के बाद सबसे पहले पीड़िता के पक्ष में खड़े हुए।
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