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हेराफेरी कर कई एकड़ बंजर भूमि पर जमाया था कब्जा, निरस्त

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आजमगढ़। जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व ओमप्रकाश राजभर द्वारा मौजा नरौली स्थित एक बंजर खाते की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अपना नाम दर्ज करा लेने का दावा जिलाधिकारी न्यायालय में किया गया। जिलाधिकारी ने उक्त मामले को निस्तारण के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। जिस पर सुनवाई के बाद सीआरओ ने उक्त गाटे से संबंधित व्यक्तियों के नाम निरस्त कर उसे पूर्ववत बंजर खाते में दर्ज करने का निर्देश दिया, साथ ही तहसीलदार सदर को यह निर्देश दिया कि आवश्यक कार्रवाई कर अभिलेख को अभिलेखागार में संचित करें। प्रस्तुत वाद में जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि तहसीलदार सदर की आख्या के अनुसार गाटा संख्या 739 जिसका क्षेत्रफल 2.024 एकड़, गाटा संख्या 740 क्षेत्रफल 3.590 एकड़, गाटा संख्या 741 क्षेत्रफल 2.533 एकड़, गाटा संख्या 771 क्षेत्रफल 0.368 एकड़, गाटा संख्या 742 क्षेत्रफल 1.676 एकड़ बंदोबस्त सन 1349 फसली के अभिलेखों में बंजर प्रविष्ट है। गाटा संख्या 740 का मामला जिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन है। जो 1349 फसली में बंजर प्रविष्ट है। उक्त खाते पर मंगरू और वर्तमान में सुबेदार और उदयराज के पिता भूमिधर दर्ज हैं, उक्त मामले को जिलाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने इसे मुख्य राजस्व अधिकारी की कोर्ट में स्थानांतरित कर निस्तारण करने का निर्देश दिया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और अभिलेखों के परीक्षण के बाद मुख्य राजस्व अधिकारी ने उक्त गाटे से कब्जेदारों का नाम निरस्त कर उसे बंजर के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार सदर को कार्रवाई पूर्ण कर पत्रावली को अभिलेखागार में संचित करने का निर्देश दिया है।
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