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बड़ों ने किया किनारा, सरकारी अस्पतालों के सहारे पार लगेगी आयुष्मान की नैया

Fri, 07 Sep 2018 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
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आजमगढ़। सरकार की महात्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना शुरू होने से पहले ही परेशानी में नजर आ रही है। बड़े अस्पतालों के दूरी बनाने और आईएमए का सहयोग न मिलने से अब सरकारी अस्पतालों के सहारे ही योजना का पार लगाने की रणनीति बनाई गई है। जनपद में इस योजना से लगभग एक लाख से ज्यादा परिवारों (छह लाख से ज्यादा लोगों) को लाभान्वित करने की बात कही गई है।
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कहने को तो जनपद में 50 के आसपास बड़े अस्पताल हैं, लेकिन योजना के तहत गरीबों का इलाज करने में छह-सात अस्पताल ही आगे आए हैं। इसमें जिला कमेटी ने छह का नाम फाइनल कर राज्य कमेटी के पास भेजा है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए छह सरकारी अस्पतालों को भी इसमें शामिल किया गया है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में आयुष्मान भारत योजना की घोषणा की है। योजना के तहत सभी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख की सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार ने योजना की घोषणा तो कर दी, लेकिन प्राइवेट अस्पताल इससे किनारा करने लगे। मात्र आठ अस्पतालों ने ही योजना के तहत अप्लाई किया है, जिसमें से सात को मंजूरी देकर उसे स्वीकृति के लिए राज्य स्तरीय कमेटी को भेजा गया है। इतने बड़े जिले में इन सात अस्पतालों से काम चलता नहीं देख स्वास्थ्य विभाग ने छह सरकारी अस्पतालों को भी योजना में शामिल किया है।
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जनपद के मंडलीय चिकित्सालय, महिला अस्पताल और मेडिकल कालेज के साथ अतरौलिया, फूलपुर और लालगंज सीएचसी को भी शामिल करने की बात कही जा रही है। इन अस्पतालों में कार्ड के जरिये कैशलेस इलाज किया जाएगा। मरीज के इलाज पर आने वाले खर्च का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र और 40 फीसदी हिस्सा प्रदेश सरकार अस्पतालों को करेगी।

इन अस्पतालों को मिली स्वीकृति
 आयुष्मान भारत योजना के तहत आनंद हॉस्पिटल, शारदा पॉली क्लीनिक, प्रकाश नर्सिंग होम, वेदांता हास्पिटल, आई केयर, विद्या हास्पिटल, मेडीसिटी आदि ने अप्लाई किया था। मेडीसिटी को छोड़ अन्य सात अस्पतालों को मंजूरी देकर स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकृति के लिए राज्य स्तरीय समिति के पास भेजा है।

इतने परिवारों को मिलेगा लाभ
जनपद में योजना के तहत लाभ देने के लिए अप्रैल माह में 95783 ग्रामीण और 15115 शहरी परिवारों का चयन हुआ था। बाद में फिर से चले अभियान में 16230 ग्रामीण और 1680 शहरी परिवारों का और चयन हुआ था। इस तरह से 128808 परिवार के सदस्यों को योजना का लाभ मिलेगा।

अस्पतालों के रखरखाव पर खर्च होगी धनराशि
 सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों के कम रुचि दिखाने से योजना में सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया है। सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत होने वाले इलाज से आने वाली धनराशि का 10 फीसदी हिस्सा स्टाफ को मिलेगा। 90 फीसदी धनराशि अस्पतालों को रखरखाव आदि पर खर्च की जाएगी।
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