आजमगढ़। मुर्दे का इलाज करने के मामले में बदनाम हुए शहर के लछिरामपुर स्थित वेदांता अस्पताल की जांच को लेकर सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। जहां पत्रक देकर प्रकरण की जांच निष्पक्ष कराये जाने और जांच टीम में प्रशासनिक और समाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल किये जाने की मांग की गई। पत्रक में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वेदांता अस्पताल पर 22 जून को हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है। यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पायेगा। जांच के लिए तीन सदस्यी टीम गठित हुई है, लेकिन तीनों सदस्य स्वास्थ्य महकमें से ही जुड़े हुए है। निष्पक्ष जांच के लिए इस टीम में जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। जागो युवा संस्थान के विनित सिंह रीशू ने कहा कि वेदांता अस्पताल पर अक्सर ही ऐसी घटना होती है और 22 को हुई घटना की जितनी भी निंदा की जाये वह कम है। अस्पताल प्रशासन एक तो मुर्दे का इलाज कर रहा था वहीं विरोध करने पर परिजनों से मारपीट तक किया। सीएमओ की अनुपस्थिति में पत्रक डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय को सौंपा गया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पूनम सिंह, सारिका सिंह, अरविंद चित्रांश, पवन सिंह, विवेक राय, अश्वनी सिंह, ऋषभ राय, सौरभ सिंह, अभिषेक, आलोक आदि मौजूद रहे।
टीम गठित फिर भी नहीं शुरू हुई जांच की कवायद
आजमगढ़। वेदांता अस्पताल में लाश का इलाज मामले में जांच के निर्देश के बाद बाद भी अब तक स्वास्थ्य महकमें की टीम ने जांच शुरू नहीं की है। जबकि सीएमओ ने तीन दिनों में जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश तीन सदस्यी टीम को दिया है। शहर के लक्षिरामपुर स्थित वेदांता अस्पताल में 22 जून को अतरौलिया निवासी एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लाश का इलाज करने का आरोप लगाते हुए जम कर हंगामा काटा था। इस दौरान पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया था। घटना के बाद कई स्वयं सेवी संगठन भी पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर पड़े और पूरे शहर में कई दिनों तक हंगामे की स्थिति रही। स्वयं सेवी संगठन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस मामले में अस्पताल के डॉ. शिशिर जायसवाल समेत तीन के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए सीएमओ ने एडिशनल सीएमओ डॉ. परवेज अख्तर के नेतृत्व में शुक्रवार को तीन सदस्यी टीम गठित कर दी। टीम को तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। टीम गठित हुए दो दिन का समय बीत गया है, लेकिन टीम ने अब तक प्रकरण में कोई जांच शुरू नहीं की है। जिससे स्वयं सेवी संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने अरोप लगाया है कि स्वास्थ्य महकमा अब जांच में लीपापोती करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
जांच टीम में तीन सदस्य है सभी एक साथ होंगे तो ही जांच शुरू होगी। अभी शनिवार को ही सीएमओ का आदेश मिला है। सभी सदस्यों को सूचित कर दिया गया है। एक दिन में जांच पूरी कर ली जायेगी, संभवत: सोमवार को टीम द्वारा जांच की जाए।
डॉ. परवेज अख्तर, एडिशन सीएमओ/सदस्य जांच कमेटी।
टीम ने अभी जांच शुरू की है अथवा नहीं यह मैं पूछने नहीं गया हूं। तीन सदस्यी टीम बना कर उसे जांच की जिम्मेदारी दे दी गई है। सोमवार को तीन दिन पूरा हो जायेगा, मंगलवार को टीम हमें रिपोर्ट देगी। यदि मंगलवार को जांच रिपोर्ट नहीं मिलेगी तभी मैं टीम के खिलाफ कुछ कर पाऊंगा। उम्मीद है कि जांच टीम अपना कार्य कर रही होगी।
डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ, आजमगढ़।