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डीपीआरओ कार्यालय से दो बार गायब हो गए प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

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आजमगढ़। सरकारी कार्यालयों के खेल निराले हैं। लालगंज ब्लाक के ग्राम कोर्ट बुजुर्ग के वर्तमान प्रधान के खिलाफ जिलाधिकारी के साथ ही कोर्ट में भी शिकायत की गई थी। विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितिता और ग्राम सभा के खाते से 20 लाख से नगद भुगतान के आरोप थे। छह माह पहले तत्कालीन जिलाधिकारी ने गांव में तीन सदस्यीय कमेटी के गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ कार्यालय से ये आदेश ही गायब हो गए। शिकायतकर्ताओं ने नये जिलाधिकारी से शिकायत की। तीन अप्रैल को जिलाधिकारी ने फिर तीन सदस्यीय कमेटी के गठन और जांच के आदेश दे दिए। इसके बाद ये आदेश भी कार्यालय से गायब हो गया। डीपीआरओ ने कर्मचारियों ने कड़ाई से पूछताछ की तो आदेश निकल कर सामने आया गया। अब मामले में कार्रवाई की जा रही है।
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लालगंज ब्लाक के गांव कोर्ट बुजुर्ग के पूर्व प्रधान संजू देवी और वतर्मान प्रधान रमेश की शिकायत गांव निवासी अरविंद श्रीवास्तव, गनेश, रामू, फूलचंद्र, सुक्खू, हरिगोविंद आदि ने जिलाधिकारी से मार्च 2017 में की थी। विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितिता और 50 लाख से ज्यादा की रकम ग्राम सभा के खाते से नगद निकालकर भुगतान करने का आरोप था। पूर्व प्रधान संजू देवी की जांच के बाद लगभग 60 हजार की रिकवरी निकली थी। छह माह पहले तत्कालीन जिलाधिकारी सीबी सिंह ने वर्तमान प्रधान रमेश के खिलाफ तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से डीपीआरओ कार्यालय से ये आदेश गायब हो गए।
डीपीआरओ कार्यालय से शिकायतकर्ता को फिर से शिकायत करने की बात कही गई। इस भी कोर्ट ने भी जिलाधिकारी को दो माह के भीतर जांच कर मामले के निस्तारण के आदेश दे दिए। कोर्ट के आदेश के क्रम में शिकायत होने पर वर्तमान जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने भी डीपीआरओ को तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। शिकायकर्ता बुधवार को डीपीआरओ कार्यालय पहुंचा तो तीन अप्रैल का ये आदेश भी आफिस से गायब था। डीपीआरओ आनंद प्रकाश ने संबंधित कर्मचारियों को तलब किया। पूछताछ में वो इसे एक दूसरे पर डालने लगे। कार्रवाई की चेतावनी मिलने के बाद अचानक से आदेश मिला गया। इसके बाद आदेश के क्रम में कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है।
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कार्यालय पर लगे लंबी डील का आरोप
आजमगढ़। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी पक्ष ने शिकायत उठाने के लिए उनपर दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने नहीं मानी। इसके बाद डीपीआरओ कार्यालय से आरोपियों ने सेटिंग कर ली। लंबी डील के चक्कर में कार्यालय से कर्मचारी आदेश को ही गायब कर दे रहे हैं।

कोटा बुजुर्ग गांव का प्रकरण संज्ञान में आया है। शिकायतकर्ता से एक दिन का समय लिया गया है। इसकी फाइल निकलवाई जा रही है। यदि जिलाधिकारी के आदेश हैं, तो कार्रवाई की जाएगी
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आनंद प्रकाश, डीपीआरओ
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