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ट्राली आपूर्ति करने वाली कंपनी होगी ब्लैक लिस्टेड

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आजमगढ़। पवई और फूलपुर ब्लॉक के प्रधानों को बिना किसी शासनादेश के चार हजार की ट्राली और फावड़ा 15 हजार में उपलब्ध कराने के मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने अंबेडकर नगर की ओम ट्रेडर्स को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की है। कार्यपालक वाणिज्यकर संभाग अंबेडकर नगर से फर्म का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है। वहीं, प्रधानों और सचिवों से भुगतान किए गए रुपयों की रिकवरी के लिए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
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पिछले दिनों फूलपुर और पवई ब्लॉक में जिला पंचायती राज विभाग के एक आदेश का हवाला देकर प्रति सफाईकर्मी प्रधानों को ट्राली, फावड़ा, झाड़ू आदि सामान 15 हजार में उपलब्ध कराया गया था। ब्लाक अधिकारियों के निर्देश पर प्रधानों से इसके चेक कटवाए गए थे। मामला सीडीओ के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने आपूर्ति और भुगतान पर रोक लगाते हुए बीडीओ से मामले की जानकारी मांगी थी। तब तक फूलपुर की 87 ग्राम पंचायतों की ओर से सामान उपलब्ध कराने वाली फर्म को भुगतान किया जा चुका था। पवई में आपूर्ति हुई थी, लेकिन भुगतान का मामला सामने नहीं आया था। मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने भी चार हजार का सामान 15 हजार में देने की पुष्टि कर चुकी है।


जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही भुगतान किए गए धन की रिकवरी के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश पंचायती राज विभाग और ब्लाक अधिकारियों को दिए गए हैं।
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अभिषेक सिंह, सीडीओ

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जांच टीम के सामने सामान गिनाने पहुंचे थे प्रतिनिधि
मुख्य विकास अधिकारी की ओर से अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकस सिंह की अध्यक्षता में गठित टीम जिस समय ब्लाक में जांच कर रही थी, उस दौरान कंपनी के प्रतिनिधि भी उनके पास पहुंचे थे। प्रतिनिधियों ने जांच अधिकारियों पर दबाव बनाया था कि सिर्फ, ट्राली और फावड़े की आपूर्ति नहीं की गई है। इसके अलावा झाड़ू, वासिंग पाउडर, साबुन, ग्लब्स और इस तरह के 20 से ज्यादा सामान भी प्रधानों को उपलब्ध कराए जाने थे। इसमें कुछ सामान प्रधानों को उपलब्ध करा दिया गया था, जबकि कुछ उपलब्ध कराने की तैयारी थी। प्रतिनिधियों की कोशिश थी कि किसी तरह से ये साबित किया जाए कि उपलब्ध कराए गए सामान की कीमत ज्यादा नहीं ली गई है, लेकिन उनकी एक न चली।
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अधिकारियों के खिलाफ शासन को भेजी गई रिपोर्ट
पवई और फूलपुर ब्लाक में प्रधानों को चार हाजार का सामान 15 हजार में उपलब्ध कराने का फर्जीवाड़ा जिला पंचायती राज विभाग से जारी के एक आदेश का दुरुपयोग कर किया गया था। मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा था कि इस आदेश की उन्हें जानकारी भी नहीं थी। सूत्रों की माने तो आदेश जारी करने वाले अधिकारी और ब्लाक के कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज कर अवगत करा दिया गया है। अब इस पर निर्णय शासन की ओर से ही लिया जाएगा।
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