आजमगढ़। भूमि विवाद यानी राजस्व मामलों के निस्तारण के लिए शासन ने जनपदों में श्रावस्ती माडल लागू करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है। जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा और एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। इस क्रम में तहसील समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस, मुख्यमंत्री संदर्भ, आरजीएस और जनसुनवाई के दौरान आने वाले राजस्व मामलों की टीम चिह्नीकरण कर जल्द निस्तारण करेगी।
पुलिस और प्रशासन में सामंजस्य के अभाव में राजस्व वादों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। राजस्व मामलों को न्यूनतम स्तर पर ले जाने के लिए शासन ने श्रावस्ती माडल अपनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन स्तर पर प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने शुक्रवार को शासन के इस पत्र पर कार्रवाई करते हुुए जिला स्तर पर मुख्य राजस्व अधिकारी और एसपी सिटी को नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। अब यह लोग जनपद के समस्त थानों पर पुलिस और राजस्व विभाग की दो-दो टीमों का गठन करेंगे। तहसील स्तर पर इसके नोडल अधिकारी तहसीलदार होंगे। यह लोग टीम के साथ हफ्ते में दो दिन किसी गांव का चयन कर उस गांव की सारी शिकायतों का निस्तारण गांव में जाकर करेंगे।
टीम में ये होंगे शामिल
थाने स्तर पर गठित टीम में एक नायब तहसीलदार, चार लेखपाल, एक सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल तैनात होंगे। राजस्व विभाग की टीम सीआरओ के निर्देेशन में और पुलिस विभाग की टीम एसपी सिटी के नेतृत्व में कार्य करेगी।
श्रावस्ती माडल का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों को जल्द से जल्द निपटाना है। गांवों से आने वाली सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व से संबंधित होती है। यह टीमें हफ्ते में दो दिन किसी गांव का चयन करके उस गांव की सारी शिकायतों का चिह्नांकन करेंगी। इसके बाद गांव में जाकर इन समस्याओं का निस्तारण करेंगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।