जहानागंज थाना क्षेत्र के धरवारा बाजार में स्थित पोखरे में गत दिनों मिली लाश के मामले में घर वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया। मजबूरन पीड़ित को कोर्ट का शरण लेना पड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की तरफ से केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया। बावजूद इसके जहानागंत थाने में घटना की रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी।
बता दें कि जहानागंज थाना क्षेत्र के धरवारा मरिहां गांव निवासी दिग्विजय मिश्रा (35) पुत्र दीवाकर मां-बाप का इकलौता पुत्र था। 10 जुलाई को दिग्विजय घर से बाजार के लिए निकला। लेकिन घर वापस नहीं लौटा। दूसरे दिन 11 जुलाई को उसके गांव का एक व्यक्ति दिग्विजय की साइकल और मोबाइल लेकर पहुंचे और घर वालों को देकर फरार हो गया। तभी से उसका कोई पता नहीं चल रहा। 12 जुलाई को दिग्विजय की लाश धरवारा बाजार के पोखरे में उतराई मिली। उसके चेहरे, गर्दन सहित शरीर के अन्य भागों में चोट के निशान थे। परिवार के लोग दिग्विजय की हत्या कर लाश फेंकने का आरोप लगाते हुए जहानागंज थाने में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया। मजबूरन दिग्विजय के घर वाले कोर्ट की मदद लिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 18 नवंबर को जहानागंज थाने की पुलिस को केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया। बावजूद इसके अभी तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। पीड़ित परिवार कार्रवाई के लिए पुन: अदालत से गुहार लगाई है।