अमिलो। विश्व प्रसिद्ध अरबी यूनिवर्सिटी अल्जामियतुल अशरफिया मुबारकपुर के प्रांगण में गुरूवार की रात वार्षिक जश्ने मुफ्तीये आजमे हिंद का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान दो सौ वर्ष पुरानी एक महत्वपूर्ण अरबी किताब ‘तानीबुल खतीब अला मासाकहू फी तरजमते अबी हनीफा मिनल अकाजीद’ का लोकार्पण अशरफिया विश्वविद्यालय के प्राचार्य मुफ्ती निजामुद्दीन मिस्बाही ने किया। इस किताब के लोकार्पण पर कक्षा साबिया के सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं और समाज में कल्याणकारी कार्य करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हमदर्द यूनिवर्सिटी दिल्ली के डीन डा. गुलाम यहया अंजुम मिस्बाही ने मदरसों की बुनियाद व रूप रेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि मदरसों ने हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और दे रहे हैं। संविधान की रक्षा करने, समाज में आपसी भाई चारा पैदा करने, भारत में एकता व अखंडता बनाए रखने एवं विश्व शांति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर अशरफिया विश्वविद्यालय के अध्यापक मौलाना अब्दुल हक ने मुफ्तीए आजमे हिंद के जीवन और उनके द्वारा किए सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मौलाना मसूद अहमद, मौलाना नफीस अहमद, मौलाना मुबारक हुसैन, मौलाना दस्तगीर, मौलाना साजिद अली, मौलाना नाजिम अली, मौलाना नईमुद्दीन अजीजी व अरबी विश्वविद्यालय के नाजिमे आला हाजी सरफराज अहमद अंसारी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मुहम्मद अहमद मिस्बाही एवं संचालन अजीजे मिल्लत मौलाना अब्दुल हफीज ने किया।