आजमगढ़। जनपद में सफेद बालू के खनन के लिए तीन लोगों को टेंडर के जरिए ठेका दिया गया था। जिसमें एक ठेकेदार का ठेका दिसंबर माह में किश्त जमा न करने के कारण निरस्त किया जा चुका है। दूसरे ठेकेदार ने खनन करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब विभाग द्वारा दूसरे ठेके को भी निरस्त करने की कवायद की जा रही है। वहीं अगर ऐसा होता है तो ठेकेदार द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी मनी को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया जाएगा। जनपद के देवारा क्षेत्र में घाघरा नदी के किनारे सफेद बालू का खनन किया जाता है। इस खनन के लिए मार्च 2018 में टेंडर की प्रक्रिया संपन्न हुई थी। जिसमें तीन लोगों का टेंडर निकलने के बाद उन्हें खनन की इजाजत दी गई। इसमें से एक ठेकेदार विनय कुमार चतुर्वेदी ठेके के लिए निर्धारित धनराशि की सिफ एक किश्त ही जमा कर सके। दूसरी किश्त उन्होंने जमा नहीं की। विभाग द्वारा उन्हें जब नोटिस जारी की गई तो उन्हें खनन से इंकार कर दिया। इस पर विभाग द्वारा उनके द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी मनी और पहली किश्त की धनराशि को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया गया। जबकि दूसरा ठेका नगर कोतवाली क्षेत्र के लक्षिरामपुर निवासी आदित्य सिंह पुत्र सुरेश सिंह को मिला था। इनके द्वारा एक करोड़ 25 लाख 78 हजार 650 रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा नहीं की गई। इसके बाद इन्होंने एनओसी आदि की खानापूर्ति पूरी नहीं की और ना ही बालू का खनन ही किया। जब विभाग द्वारा इन्हें नोटिस जारी की गई तो इन्होंने खनन करने से इंकार कर दिया। अब खनन विभाग इनके ठेके को निरस्त करने की कवायद में जुटा हुआ है। खान निरीक्षक विनीत सिंह, ने बताया कि सिक्योरिटी जमा करने के बाद इन्होंने अन्य खानापूर्ति केे पूरा नहीं किया। इन्हें जब नोटिस जारी किया गया तो काम करने से इंकार कर दिया। इनकी सिक्योरिटी मनी को राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करते हुए इनके ठेके के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।