आजमगढ़। ठंड की दस्तक होते ही परिवहन निगम विभाग आजमगढ़ रीजन की सभी 440 सरकारी बसों में घना कोहरे से निपटने के लिए आलवेदर बल्व लगा दिया गया है। साथ ही उन बसों की खिड़कियों में शीशे लगवा दिए गए हैं, जिनके टूटे हुए थे। आजमगढ़ डिपो में प्रदेश के अन्य डिपों की सरकारी बसें आती हैं। इनमें से कई बसें खटारा और इनके शीशे टूटे हुए हैं। ऐसी बसों के चलन पर रोक लगाने के लिए आरएम ने संबंधित डिपो के अधिकारियों को पत्र लिखा है।
परिवहन निगम विभाग के आजमगढ़ रीजन में आजमगढ़ के दो बस डिपो के अलावा मऊ, बलिया और जौनपुर जिले का शाहगंज रोडवेज आता है। इन सभी डिपो में कुल 440 सरकारी बसें मौजूद हैं। सभी बसों का प्रतिदिन संचालन किया जाता है। इन बसों में 10 से 20 बसें अक्सर किन्ही कारणों से खराब होकर मरम्मत के लिए गैराज में खड़ी रहती हैं। शेष बसें सड़कों पर फर्राटा भरती हैं। आरएम पीके तिवारी ने बताया कि ठंड के मौसम में घना कोहरा होने की वजह से बसों के रफ्तार पर लगाम लग जाता है। ऐसे में कोहरे की काट के लिए सभी बसों में आलवेदर बल्व लगाया गया है। रीजन के सभी बसों की खिड़कियों के शीशे आदि अभियान चलाकर दुरुस्त करा दिए गए हैं। आरएम ने बताया कि वह स्वयं बसों की स्थिति जानने के लिए भ्रमण करते रहते हैं। 18 नवंबर को बलिया जिले के रसड़ा के पास एक बस पीछे के साइड में डैमेज दिखी। उसमें बैक लाइट नहीं थी। इस पर चालक और परिचालक के अलावा बलिया डिपो के एआरएम को फटकार लगाया। साथ ही दोबारा ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी। आरएम पीके तिवारी ने कहा कि आजमगढ़ डिपो में आने वाली खटारा बसों के संचालन पर रोक लगाने के लिए संबंधित डिपो के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इनमें वाराणसी जिले के कई डिपो और गोरखपुर जिले के डिपो के अधिकारी शामिल हैं। आरएम ने बताया कि रीजन के सभी अनुबंधित बसों के शीशे आदि को दुरुस्त करा दिया गया है।
बलिया को दो कंडेक्टर मुख्यालय से अटैच
आजमगढ़। आरएम आजमगढ़ रीजन पीके तिवारी ने बताया कि बलिया डिपो के दो कंडेक्टर संजय सिंह और रंजीत सिंह अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। यह दोनों उसी समय ड्यूटी करने आते हैं जब तनख्वाह मिलने का दिन नजदीक आता है। एक से दो दिनों तक ड्यूटी करते हैं इसके बाद पुन: छुट्टी पर चले जाते हैं। इसकी शिकायत मिलने पर दोनों के तनख्वाह पर रोक लगा दी गई। साथ ही इन्हें रीजन आफिस से अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की गहनता से जांच करवाई जा रही। जांच रिपोर्ट आने पर और सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से अन्य लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।