आजमगढ़। शिब्ली नेशनल एकेडमी के हाल में वहदत-ए-इस्लामी हिंद के तत्वावधान में रविवार को धार्मिक परिचर्चा का आयोजन डा.जावेद अख्तर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुआ। वक्ताओं ने कहा कि कुरान में दी गई हिदायतों और हजरत मोहम्मद साहब द्वारा दी हुई शिक्षा को अपनाए बिना आध्यात्मिक शक्ति और आपसी एकजुटता मजबूत नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने अगर हमें दुनियां में भेजा है तो हमारे कामों का हिसाब भी लेगा। अगर हमारे कार्य अच्छे नहीं होंगे, हमारे काम किसी को तकलीफ पहुंचाने वाले होंगे तो हम न तो दुनियां की नजर में अच्छे रहेंगे और न ही अल्लाह की नजर में। हमें अल्लाह की रहमत पर यकीन करना चाहिए। यह पक्का विश्वास रखना चाहिए कि जो भी करता है अल्लाह करता है। वक्ताओं में मौलाना जावेद अहमद कासमी, मौलाना इरशादुलहक मदनी, मास्टर नदीम अहमद, मौलाना अब्दुल अजीम ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन डा. कमलादुद्दीन ने किया। इस मौके पर काफी लोग उपस्थित रहे।